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पुलिस ने जिन पोर्न साइट्स को बंद करवाया, वो अब भी चालू

पिछले चार साल में 107 पोर्न वेबसाइट्स ब्लॉक करवाने का दावा- प्रदेश में विगत 4 वर्षों में पोर्नोग्राफी के उत्पादन, प्रसारण और संग्रहण को लेकर 404 मामले दर्ज हुए- प्रदेश में बढ़ रही है चाइल्ड पोर्नोग्राफी

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नागौर. प्रदेश में पोर्नोग्राफी के उत्पादन, प्रसारण एवं संग्रहण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। खासकर चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले बढ़ रहे हैं। चिंता का विषय यह है पोर्नोग्राफी के मामलों में वर्ष 2022 में ज्यादा वृद्धि हुई है। प्रदेश के गृह विभाग का कहना है कि पिछले चार साल में गूगल पर अपलोडेड चाइल्ड पोर्न वेबसाइट्स को सर्च करके समस्त आईएसपी को आईटी एक्ट के तहत नोटिस देकर कुल 107 पोर्न वेबसाइट्स को ब्लॉक करवाया है, जबकि विभाग ने विधानसभा में जिन वेबसाइट्स की सूची दी है, उनमें से कई आज भी चल रही हैं। जिम्मेदारों की ढिलाई से इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी जमकर परोसी जा रही है।

नागौर में सबसे ज्यादा 73 मामले, दूसरे नम्बर कोटा
विधानसभा में एक विधायक की ओर से लगाए गए सवाल के जवाब में राज्य सरकार के गृह विभाग ने बताया कि पिछले चार साल यानी वर्ष 2019 से 2022 तक प्रदेश में पोर्नोग्राफी के उत्पादन, प्रसारण और संग्रहण को लेकर कुल 404 मामले दर्ज हुए हैं। इसमें सबसे अधिक 73 मामले नागौर जिले में दर्ज हुए हैं, जबकि दूसरे स्थान पर कोटा में 46 तथा तीसरे स्थान पर हनुमानगढ़ में 42 मामले दर्ज हुए हैं। दूसरी ओर भरतपुर, बूंदी, चित्तौडगढ़़, डूंगरपुर ऐसे जिले हैं, जहां पोर्नोग्राफी को लेकर एक भी प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।

चार साल में जिले वार पोर्नोग्राफी से सम्बन्धित दर्ज प्रकरण
जिला - दर्ज प्रकरण
अलवर - 16
अजमेर - 7
बांसवाड़ा - 1
बारां - 3
बाड़मेर - 20
भीलवाड़ा - 18
बीकानेर - 19
चूरू - 9
दौसा - 1
धौलपुर - 5
हनुमानगढ़ - 42
जयपुर - 32
जैसलमेर - 5
जालोर - 8
झालावाड़ - 3
झुंझुनूं - 9
जोधपुर - 7
करौली - 17
कोटा - 46
नागौर - 73
पाली - 7
प्रतापगढ़ - 4
राजसमंद - 1
सवाईमाधोपुर - 1
सीकर - 10
श्रीगंगानगर - 3
उदयपुर - 17
एटीएस/एसओजी जयपुर - 4
कुल - 404

बच्चों के हाथ में मोबाइल...
प्रदेश में पोर्नोग्राफी से जुड़े मामलों में कोरोना महामारी के बाद बढ़ोतरी हुई है। अकेले नागौर के प्रकरणों को देखें तो वर्ष 2019 से 2021 तक कुल 25 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि अकेले 2022 में 48 मामले पोर्नोग्राफी से जुड़े दर्ज हुए हैं। पुलिस ने 107 पोर्न साइट को ब्लॉक करवाने की बात कही है। उनमें से कई वेबसाइट्स चालू है, ऐसे में बच्चों के हाथ में मोबाइल देकर उन्हें अकेले छोडऩा खतरे से खाली नहीं है।

सरकार के दावों पर संशय
सरकार का दावा है कि लोगों को चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखने, अपलोड करने और प्रसारण रोकने के लिए जागरुकता को लेकर राजकीय/ गैर राजकीय विद्यालयों, मेडिकल कॉलेज एसएमएस जयपुर में छात्र-छात्राओं, डॉक्टरों, कर्मचारियों को गत 4 वर्षों में कुल 37 बार सेमीनार के माध्यम से जागरूक किया गया है। इसके साथ रेडियो व सोशल मीडिया के माध्यम से भी आमजन को जागरूक किया है।

चार साल में 2990 बैठकें
लोगों को पोर्नोग्राफी के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन ने बताया कि समय-समय पर संदेश प्रसारित कर एडवाइजरी जारी कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। आवाज अभियान के तहत 2990 बैठकें कर 83,491 व्यक्तियों को जागरूक किया गया। नॉव योर स्टूडेंट-नॉव योर पुलिस के अन्तर्गत 9292 स्कूलों में 4,20,989 बालक-बालिकाओं को जागरूक किया गया है।

क्या है चाइल्ड पोर्नोग्राफी
चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक अपराध है, जिसमें बच्चे का यौन आग्रह या नाबालिग की भागीदारी वाली अश्लील सामग्री का निर्माण शामिल है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ऑनलाइन संबंधों के लिए तैयार करना, फिर उनके साथ यौन संबंध बनाना या बच्चों से जुड़ी यौन गतिविधियों को रिकॉर्ड करना, एमएमएस बनाना, दूसरों को भेजना आदि भी इसके तहत आते हैं।