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जमीनों की खरीद-फरोख्त का दीपावली तक 100 करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद

Nagaur. नवरात्र से अब तक लगभग पचास करोड़ का हो चुका है कारोबार-भूखण्डों के खरीद व बेचान के काम में तेजी आने से 60 से 65 प्रतिशत बढ़ा व्यवसाय-आवासीय पट्टाशुदा एवं व्यवसायिक भूखण्डों की खरीद में महज बीस से बाईस दिनों में दोगुना के औसत से दौड़ा बाजार

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Nagaur patrika

Business increased by 60 to 65 percent due to increase in the work of purchase and sale of plots

नागौर. दो साल को कोविड-19 की त्रासदी के बाद खुला बाजार अब पटरी पर आने लगा है। विशेषकर जमीनों की खरीद-फरोख्त के साथ ही प्लाटिंग करने के कारोबार में तेजी आई है। यह औसतन 60 से 65 प्रतिशत की तेजी रही है। व्यवसायियों का कहना है कि जिले में कई मल्टीनेशनल कंपनियों के आने के साथ ही इसके कारोबार में बूम आया है। अब तक नवरात्र से 50 करोड़ का कारोबार हो चुका है। दीपावली तक यह कारोबारी आंकड़ा तकरीबन 100 करोड़ तक पहुंच जाएगा।
जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त के कारोबार से जुड़े व्यवसायी उत्साहित हैं। कारण कि इस बार की आई नवरात्र ने दीपावली के पहले ही उनकी दीपावली मना दी है। दो साल से मंदे पड़े कारोबार में अप्रत्याशित रूप से तेजी आई है। विशेषकर पट्टाशुदा आवासीय एवं व्यवसायिक भूखण्डों की खरीद तेजी से हो रही है। व्यवसायियों का कहना है कि इस तेजी में अभी और इजाफा होगा। इसका दीपावली तक डेढ़ से दोगुना के औसत से बढ़ेगा। जिले के सीमावर्ती डेह एवं खींवसर क्षेत्र में मल्टीनेशनल कंपनियों के आने की धमक के साथ अचानक से जमीन के भावों में भी उछाल आया है। शहर क्षेत्र में भी भूखण्डों के दरों की स्थिति भी इससे मिलती-जुलती है। कई प्रमुख जगहों पर जमीनों की अनुपलब्धता के साथ पहले ही भूखण्डों को खरीद चुके भूखण्ड मालिकों की अब बल्ले-बल्ले है। विशेषकर बीकानेर रोड क्षेत्र की है। बताते हैं कि इस रूट पर प्रमुख सरकारी संस्थानों के लिए भूखण्डों के आवंटन के साथ ही फोर लेन बनाए जाने की योजना ने इस क्षेत्र के भूखण्डों की दरों में भी इजाफा कर दिया है। व्यवसायी इसे अपने लिए ही नहीं, बल्कि शहर के साथ जिले के विकास के लिए एक शुभ संकेत मानते हैं।
बीस से बाईस दिन में ही पचास करोड़ का करोबार
जमीन से जुड़े व्यवसायियों का कहना है कि कोविड के चलते आई मंदी ने पूरे कारोबार की ही कमर तोडकऱ रख दी थी। कोविड का दंश अप्रभावित हुआ तो भी कारोबार काफी समय तक प्रभावित रहा। कारण कोविड में लगी बंदिशों की वजह से लगभग सभी कारोबारों की गति पर अवरोधक लग गया था। अब कोविड के प्रतिबंध के दायरे से मुक्त होने पर बाजार ने खुली हवा में सांस ली तो फिर कारोबार ने की भी गति पकड़ ली। स्थिति यह रही है कि महज बीस से बाईस दिनों के अंतराल में अब तक नागौर में पचास करोड़ से ज्यादा का कारोबार हो चुका है। व्यवसायियों का कहना है कि करोबार इसी औसत से चलता रहा तो फिर दीपावली तक यह आंकड़ा डेढ़ से दोगुना हो जाएगा।
इनका कहना है...
जमीनों की खरीद-फरोख्त के कारोबार में पिछले कुछ दिनों से काफी तेजी आई है। मंदी की मार से परेशान लोगों के लिए इस बार की नवरात्र बाजार के खुशनुमा संदेश लेकर आई है। इसके कारोबार का औसत का आंकड़ा बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। पूरी उम्मीद है कि दीपावली तक इस व्यवसाय में और बूम आएगा। कुल मिलाकर बाजार की स्थिति पहले से तो बहुत ज्यादा बेहतर हुई है।
भीयाराम जाणी
जमीनों की खरीद-फरोख्त के व्यवसाय में नवरात्र से अब तक तकरीबन 60 से 65 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है। आवासीय पट्टाशुदा एवं व्यवसायिक भूखण्डों की खरीद में आई तेजी ने कारण मृतप्राय पड़े इस कारोबार में जान फूंक दी है। अब तक नागौर में ही इसकी करोबारी स्थिति देखें तो औसतन पचास करोड़ तक का आंकड़ा पहुंच गया है। प्रमुख पर्वों के दौरान जमीन की खरीद एवं बेचान करने के मामले ज्यादा होते हैं। इससे दीपावली तक इसके डेढ़ गुना कारोबार होने की पूरी उम्मीद है।
जगदीश पट्टीदार
भूखण्डों की खरीद एवं बेचान के साथ ही शहर का विकास भी होता है। आवासीय या व्यवसायिक निर्माण होने की स्थिति में नए क्षेत्रों के निर्माण विकास का पर्याय बनते हैं। हालांकि इस काम में प्रशासनिक अड़चन एवं जटिलताओं के कारण अब तक अपेक्षित तेजी नहीं आ पाई है, लेकिन फिर भी प्रमुख पर्वों के मौके पर इसमें तेजी आने की पूरी उम्मीद है। अड़चने समाप्त हो तो फिर कारोबार भी दौड़ेगा।
भूरसिंह परिहार