14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VIDEO…नागौर के गांव-ढाणी को मीठा पानी मिलने की डबल इंजन सरकार से बंधी आस

जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख से ज्यादा परिवार मीठा पानी के लिए कर रहे संघर्ष

4 min read
Google source verification
Nagaur news

The villages and towns of Nagaur have hope of getting sweet water from the double engine government

-जिले में जल जीवन मिशन योजना के तहत अब तक 72 हजार से ज्यादा परिवारों को कनेक्शन जारी होने के बाद भी ज्यादातर गांवों एवं ढाणियों में अब तक नहीं पहुंचा मीठा पानी
नागौर. जिले के हर गांव एवं ढाणी में मीठे पानी को पहुंचाए जाने की जल जीवन मिशन परियोजना के तहत अब तक कुल 72 हजार 549 घरों तक कनेक्शन किए जा चुके हैं। इसमें जलदाय विभाग के परियोजना एवं वितरण दोनों शाखाओं की ओर से किए गए कनेक्शन शामिल हैं। परियोजना की ओर से अब तक 214.62 करोड़ एवं वितरण में नागौर ब्लॉक के गांवों में 62.66 करोड़ एवं मेड़ता ब्लॉक में 10.18 करोड़ की राशि संचालन एवं संधारण सहित व्यय की जा चुकी है। जबकि परियोजना की ओर से अभी 2 लाख 17 हजार 919 परिवारोंं में अभी कनेक्शन किया जाना है। इसी तरह तरह वितरण में नागौर ब्लॉक अभी पांच हजार एवं मेड़ता ब्लॉक में एक हजार से ज्यादा परिवारों को कनेक्शन करने का कार्य प्रगति पर चल रहा है। डबल इंजन की सरकार बनने के बाद अब उम्मीद बंधी है कि कार्यों में तेजी आएगी।
वर्ष 2021 में जलदाय विभाग की ओर से जल जीवन मिशन परियोजना के तहत अब तक 72 हजार से ज्यादा परिवारों को जल कनेक्शन दिए जाने के बाद भी निर्धारित लक्ष्य की अपेक्षा अभी भी 50 प्रतिशत से ज्यादा गांवों में मीठे पानी को पहुंचाए जाने का कार्य बचा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर काम में योजनागत तरीके से ही कार्य किया जा रहा है। विभाग की परियोजना शाखा की ओर से मिले लक्ष्य के 829 ग्रामों में डेगाना, जायल व नागौर क्षेत्र के कुल 174 ग्रामों में 37151 घरों में जल कनेक्शन किए जा चुके हैं। इसमें तीन अतिरिक्त गांवों में चैार, मानासर एवं नकास आदि गांवों अलग से कनेक्शन किया गया था। हालांकि अब यह ग्राम अरबन एरिया में शामिल हो चुके हैं। परियोजना शाखा में 652 ग्रामों में से 598 ग्राम व उनकी ढाणियों में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 191114 जल संबंध स्थापित कर नहरी पेयजल से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित हैं। इसके कार्य विभाग की ओर से प्रगति पर चल रहे हैं। परियोजना शाखा की ओर से अब तक कुल 52158 जल संबंध किए जाकर सुचारू रूप से नहरी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में 408 ग्राम एवं 493 ढाणियों में कार्य प्रगतिरत है। इन पर लगभग 226.07 करोड का व्यय किया। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2024 के मार्च माह तक शेष कनेक्शन करने का कार्य भी पूरा होने की उम्मीद है।
अभी पांच हजार से ज्यादा घरों में करने हैं कनेक्शन
जल वितरण शाखा की ओर से जल कनेक्शन के तहत नागौर एवं मेड़ता गांवों व ढाणियों में कनेक्शन कार्य करना था। योजना के तहत नागौर के कुल 44 गांवों में से 21 गांवों में कनेक्शन किए जाने का कार्य पूरा हो गया है। इसमें कुल 22909 कनेक्शन करने थे। अब केवल 5249 गांवों में कनेक्शन करने का कार्य बचा हुआ है। इसी तरह से मेड़ता के नौ गांवों में 2731 कनेक्शन किए जा चुके हैं। अब केवल करणू एवं ढाकला में तकरीबन 1200 कनेक्शन करने का कार्य शेष रह गया है। इसके कार्यादेश भी जारी हो चुके हैं। जबकि देऊ का मामला न्यायालय स्तर पर लंबित होने की वजह से अभी फिलहाल रुका हुआ है।
यहां भी दो लाख से ज्यादा परिवारों को मिलेंगे कनेक्शन
परियोजना विभाग के अधिकारियों के अनुसार नागौर जिले के 652 एवं 2015 ढाणियों में नागौर, मेडता डेगाना जायल एवं खींवसर क्षेत्र के कुल 217919 परिवारों को नल कनेक्शन जारी कर नहरी पेयजल से लाभान्वित कर सुचारू पेयजल आपूर्ति की जावेगी।
ग्रामीण बोले: खारा पानी पहुंचा रहा सभी को नुकसान
घर में मीठा पानी का कोई कनेक्शन तो है नहीं। ऐसे में टैंकर से जल परिवहन तो कराते हैं, लेकिन पशुओं सहित अन्य कार्यों में खारा पानी का उपयोग करना ही पड़ता है। इसकी वजह से पशुओं की सेहत भी कई बार खराब हो जाती है।
रामूराम मेघवाल, ग्राम सूपका
खेत हो या फिर जानवर सभी को मीठा पानी मिलेगा, तभी स्थिति सुधरेगी। कई लोग तो टेंकरों से जल परिवहन नहीं करा पाते हैं। ऐसे में वह तो खारा पानी का ही उपयोग कर रहे हैं। खारा पानी किसी भी दृष्टि से पीने योग्य नहीं रहता है।
मुकेश, ग्राम, सूपका
हम तो कई सालों से मीठा पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। हर बार चुनाव में नेताजी कहते हैं कि गांवों में जल्द ही मीठा पानी आएगा। यह सिलसिला बरसों से देखते हुए बड़ा हो गया, लेकिन अब तक मीठा पानी आया नहीं।
ईश्वरराम मेघवाल, सूपका
सरकार को भी पता है कि गांवों में पानी पीने की दिक्कत है। दो से तीन साल पहले सुना था कि गांव में मीठा पानी आने वाला है, लेकिन अभी तक तो नहीं आया। ऐसे में मीठा पानी के लिए जुगाड़ करना पड़ता है। हालांकि पशुओं को तो भूजल ही पिलाते हैं, लेकिन इसका भी हमें नुकसान झेलना पड़ता है।
हरिराम सूपका
यह बेहद अफसोसजनक स्थिति है कि हम ग्रामीण आज भी गांवों में मीठा पानी को प्राप्त करने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। कहने का अर्थ है कि विकास के सारे दावे थोथे ही नजर आते हैं। जब पानी ही नहीं मिल पा रहा है तो फिर गांवों का विकास क्या होगा।
भंवराराम, सूपका, सूपका
इनका कहना है...
जल जीवन मिशन परियोजना के तहत अब तक 52158 कनेक्शन किए जा चुके हैं। 652 एवं 2015 ढाणियों में 217919 परिवारों को नल कनेक्शन करने का कार्य शेष रह गया है। यह भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा।
गोपेश गर्ग, अधीक्षण अभियंता, प्रोजेक्ट, जलदाय
जल जीवन मिशन परियोजना के तहत अब तक मिले लक्ष्य का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
रामचंद्र राड, अधीक्षण अभियंता जल वितरण, जलदाय विभाग