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बिना मुंडेर के कुएं बने है आफत

चौसला. क्षेत्र के लूणवां, पिपराली, लोहराणा व अन्य गांवों में सडक़ों के किनारे व खेतों में बिना मुंडेर के कुए लोगों व मवेशियों के लिए खतरा बने हैं।

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Chosla News

चौसला. बस स्टैण्ड पर खाद्य सामग्री की दुकान के पास बिना मुंडेर का कुआं।

चौसला. मुख्यालय सहित क्षेत्र के लूणवां, पिपराली, लोहराणा व अन्य गांवों में सडक़ों के किनारे व खेतों में बिना मुंडेर के कुए लोगों व मवेशियों के लिए खतरा बने हैं। इन कुओं के सुरक्षा दीवार न होने से अब तक कई मवेशी गिरकर अपनी जान गवां चुके है। कई कुओं की हालत तो यह है कि धरातल से भी करीब तीन फीट नीचे तक के पत्थर उखड़े हुए है। ऐसे कुओं के पास से दिन के समय में भी गुजरने में खतरा बना रहता है। वहीं रात के समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पूर्व में राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास हरिजनों के सूखे कुएं में दो बार बकरियां गिर चुकी है। क्षेत्र में कई कुएं बिना मुंडेर है या फिर दुर्दशा के शिकार हो रहे हैं। कभी ये कुएं लोगों के लिए पेयजल का स्त्रोत हुआ करते थे। जिन्हें अब लोगों ने कचरा पात्र बना दिया। लूणवां अतिशय दिगम्बर जैन मंदिर से ***** सडक़ पर कालूराम व गणेशराम प्रजापत के मकान के सामने सडक़ से महज तीन फीट की दूरी पर करीब 12 फीट चौड़ा व 20 फीट गहरा बिना मुंडेर का खुला कुआं जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। लोगों ने बताया कि क्षेत्र में और भी ऐसे कई कुएं है जिसमें गिरकर कई मवेशी अपनी जान गवां चुके है। फिर भी इन कुओं की न तो मुंडेर का निर्माण कराया जा रहा है और न ही इसे बंद करवा जा रहा है। इस कुएं के मीठे पानी से कभी सैकड़ों मन अनाज हुआ करता था। इसके अलावा कुमावतों की ढाणी स्थित विद्यालय के पास, चौसला में बस बलाइयों, बोदलियों सहित कई दर्जनों कुएं खेतों व सडक़ों के किनारे बिना मुंडेर के ही है। इनमें रात के समय कई मवेशी व जंगली जानवर गिर जाने का अंदेशा बना रहता है। लोगों ने कुछ कुओं को जरूरत नहीं समझते हुए जमींदोज कर दिया तो कुछ का ढकान कर दिया। यहां अटल सेवा केन्द्र के पास प्राचीन मेघवाल कुएं पर ग्राम पंचायत ने पट्टियां डालकर ढकान कर दिया। बोदलियों व सार्वजनिक कुएं पर लोहे का जाल डालकर जलदाय विभाग ने बंद कर दिया।
राजास से भगवानपुरा जाने वाली डामर सडक़ किनारे आधी टूटी हुई मुंडेर का कुआ हादसे को न्यौता दे रहा है। लोगों ने बताया कि यहां दिनभर ग्वाल बकरियां चराते है ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। इसी प्रकार चौसला बस स्टैण्ड पर हीराराम कुलहरी की दुकानों के पीछे कृषि कुएं की मुंडेर धरातल के बराबर है। लोगों ने बताया कि कुएं के मालिक जगदीशराम ढाका को मुंडेर ऊंची करवाने के लिए कई कह दिया, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।

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