
फसल बीमा में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी
पांचौड़ी/नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े से बीमा क्लेम उठाने वाली गैंग के सदस्य लगातार गिरफ्तार किए जा रहे हैं। पांचौड़ी पुलिस की ओर से पूर्व में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों से पूछताछ के बाद शनिवार को पुलिस ने बीमा कम्पनी एआईसी के जिला को-ऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी, कलस्टर को-ऑर्डिनेटर आदित्य पाटोदिया व डीडवाना के जिला को-ऑर्डिनेटर बिपीन कुमार दुबे को गिरफ्तार किया है। कार्यवाहक एसपी आशाराम चौधरी ने बताया कि अब तक हुई जांच में तीनों के खिलाफ बीमा क्लेम में फर्जीवाड़ा करने के पर्याप्त सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर तीनों को गिरफ्तार किया गया है।उन्होंने बताया कि जिले में किसानों की ओर से लगातार फसल बीमा क्लेम में फर्जीवाड़ा करने को लेकर मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। यह बड़ी गैंग है, जिसमें कई लोगों के शामिल होने की आशंका है।
इससे शनिवार को कार्यवाहक जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी पांचौड़ी थाना पहुंचे और मामले में आरोपियों से पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों से फसल बीमा क्लेम से जुड़े तथ्यों और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। मामले में एसओजी की टीम भी लगातार जांच में जुटी हुई है। टीम की ओर से सामने आए तथ्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मामले की कडिय़ां जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
श्रीबालाजी थाने में फर्जी बंटाईदार बनकर हड़पे 2.90 लाख रुपए
फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जैसे-जैसे पुलिस जांच का दायरा बढ़ा रही है, वैसे-वैसे फर्जीवाड़े के शिकार किसानों को न्याय की उम्मीद बंधी है। इससे पहले दर्ज कराए गए मामलों में उचित कार्रवाई नहीं होने से ज्यादातर किसान थाने तक नहीं पहुंच रहे थे। अब जब नागौर पुलिस एवं एसओजी ने कार्रवाई शुरू की तो अलग-अलग थानों में मामले भी दर्ज होना शुरू हो गए हैं। शनिवार को श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के चाऊ गांव निवासी एक किसान ने सहखातेदारी की जमीन पर कथित रूप से फर्जी बंटाईदार बनकर फसल बीमा करवाने और करीब 2.90 लाख रुपए का क्लेम हड़पने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण में किसान ने छह लोगों के साथ फसल बीमा कंपनी के दो कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस के अनुसार चाऊ निवासी रामाकिशन पुत्र अमानाराम ने रिपोर्ट दी कि खाता संख्या 160 में उसके सहखातेदार खेत खसरा नंबर 648/102 और 651/126 स्थित हैं। आरोप है कि वर्ष 2021 की खरीफ फसल के दौरान ओमप्रकाश पुत्र जेठाराम, प्रेमप्रकाश पुत्र जोधाराम, इंदिरा पत्नी प्रेमप्रकाश और जेठाराम पुत्र देवाराम ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसके खेत पर मूंग की फसल का बीमा अपने नाम से करवा लिया। एक बीमा पॉलिसी के तहत ओमप्रकाश के खाते में 1,20,030 रुपए तथा दूसरी पॉलिसी के तहत इंदिरा के खाते में 1,69,881 रुपए का क्लेम जमा हुआ। किसान का आरोप है कि उसे इसकी जानकारी मिलने पर जब आरोपियों से राशि लौटाने को कहा तो उन्होंने क्लेम की रकम देने से इनकार कर दिया। किसान ने फसल बीमा कंपनी के नागौर तहसील कॉर्डिनेटर विष्णु दाधीच और हरेन्द्र लोयल पर भी कथित षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है। साथ ही कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने की बात कही है।पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।
Updated on:
23 Aug 2026 11:47 am
Published on:
23 Aug 2026 11:47 am
