
जननी सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त में सवारी छोड़ऩे की बात पर सोमवार को जेएलएन अस्पताल में बखेड़ा खड़ा हो गया। टेण्डर में मिलीभगत का आरोप लगाकर धरना दे रहे निजी एम्बुलेंस चालकों ने सरकारी एम्बुलेंस चलाने वालों के साथ मारपीट कर दी।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नागौर. जननी सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त में सवारी छोड़ऩे की बात पर सोमवार को जेएलएन अस्पताल में बखेड़ा खड़ा हो गया। टेण्डर में मिलीभगत का आरोप लगाकर धरना दे रहे निजी एम्बुलेंस चालकों ने सरकारी एम्बुलेंस चलाने वालों के साथ मारपीट कर दी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों गुट के ग्यारह जनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। देर रात तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।
पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह सरकारी एम्बुलेंस चालक मनीष भाकल (27) जननी सुरक्षा के तहत किसी प्रसूता को छोड़कर आया ही था कि निजी एम्बुलेंस चालकों के एक गुट ने उस पर हमला कर दिया। उसके साथ मारपीट करते हुए कहा कि ये दादागिरी नहीं चलेगी। यहां रहना है तो हमारे हिसाब से ही रहना होगा। मनीष का कहना था कि उस पर बजरंग सिंह, मांगु सिंह , मनजीत सिंह, इमरान समेत पंद्रह-बीस जनों ने बेवजह हमला किया। इससे पहले उनके ठेकेदार से भी इन्होंने मारपीट की। सरकारी एम्बुलेंस चालक विवेक कुमार उर्फ विक्की, शौकत खान और अभिषेक शर्मा ने भी आरोप लगाया कि निजी एम्बुलेंस चालकों ने उनका जीना दूभर कर दिया है। सरकार के नियम-कायदों से हम गाडिय़ां चला रहे हैं, बावजूद इसके वो उनके साथ रोजाना दुर्व्यवहार कर रहे हैं। एक दिन उनके ठेकेदार के साथ भी मारपीट की।
सूत्र बताते हैं कि निजी एम्बुलेंस चालकों की ओर से पिछले कई दिनों से जेएलएन अस्पताल के समक्ष धरना दिया जा रहा है। इनका कहना है कि मिलीभगत कर बीकानेर के ठोकदार को यह टेण्डर दिया गया है जो निरस्त किया जाए। गत शनिवार को इस मामले में उन्होंने पीएमओ डॉ महेश वर्मा को इस संबंध में ज्ञापन में भी सौंपा था। इसमें उन्होंने मांग की थी कि जननी सुरक्षा योजना के तहत इस टेण्डर को निरस्त किया जाए, ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण हो सके।
लम्बे समय से चल रही है तनातनी
सूत्रों का कहना है कि लम्बे समय से निजी व सरकारी एम्बुलेंस चालकों के बीच तनातनी चल रही है। आए दिन इनके बीच झगड़े/कहासुनी के मामले आते रहते हैं। इसका कारण यह भी है कि सरकार के नियमों से टेण्डर के तहत चलने वाली एम्बुलेंस का कोई शुल्क मरीजों को नही ंदेना पड़ता है, जबकि निजी एम्बुलेंस वाले इनसे मनमाना किराया वसूलते हैं। यह भी सामने आया कि निजी एम्बुलेंस करने से अब पब्लिक भी बचने लगी है।
ये हुए गिरफ्तार
कोतवाली सीआई नरेंद्र जाखड़ ने बताया कि झगड़े की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने निजी एम्बुलेंस गुट के सात चालकों समेत ग्यारह जनों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। निजी एम्बुलेंस गुट के बजरंग सिंह, मांगू सिंह, मनजीत सिंह, कुशाल दर्ज, दिनेश ताडी, दामोदर भार्गव, शिवलाल तो सरकारी एम्बुलेंस चालक गुट से विवेक कुमार, मनीष भाकल, शौकत खान और अभिषेक शर्मा को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। फिलहाल अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
Published on:
22 May 2023 09:04 pm
