तेजा दशमी को लेकर लोगों में भारी उत्साह है। भाद्रपद की शुक्ल पक्ष दशमी को भरने वाले तेजा मेले की तैयारियां जोरों पर है। लोक देवता के निर्वाण दिवस को लेकर यात्रियों के जत्थे उमड़ रहे हैं। नागौर जिले के परबतसर में तेजा दशमी से पूर्णिमा तक विशाल पशु का आयोजन होता है। तेजा दशमी को लोग व्रत कर जहरीले कीड़े से सुरक्षा करने की मनोकामना करते हैं। इस तिथी को राजस्थान में कई जगह मेले के आयोजन होते हैं।
हाथों में पताकाएं लिए पैदल यात्री तेजाजी के स्थानों पर दर्शनों को पहुंच रहे हैं। बाबा के जयकारों से प्रदेश की धरा गुंजायमान हैं। लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध तेजाजी महाराज ने समाज को एक नई दिशा दी। बता दें कि लोक देवता तेजाजी का जन्म नागौर जिले के खड़नाल गाँव में ताहरजी और रामकुंवरी के घर माघ शुक्ला को जाट परिवार में हुआ था। किशनगढ़ के पास सुरसरा में सर्पदंश से उनकी मौत भाद्रपद शुक्ल दशमी को हो गई थी।