
Coaching Classes at Mirdha College Nagaur
नागौर. राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड़ ने मंगलवार को बीआर मिर्धा राजकीय महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव भी रहे। अधिकारियों के कॉलेज दौरे को लेकर कॉलेज प्रशासन ने नववर्ष के उपलक्ष्य में कॅरियर निर्माण को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें जिले के सभी सरकारी महाविद्यालयों के प्राचार्य, स्थानीय महाविद्यालय के संकाय सदस्यों व विद्यार्थियों के साथ कॉलेज आयुक्त बोरड़ व कलक्टर यादव ने सीधा संवाद किया।
आयुक्त बोरड़ ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों की उपयोगिता बताते हुए शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने सम्बन्धी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने पीलीबंगा में अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण विद्यार्थियों से साझा करते हुए सरकारी नौकरी के आकर्षण में निश्चित जीविकोर्पाजन के साथ स्वयं तथा परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा व सामाजिक जीवन में सम्भावित योगदान का महत्त्व बताया।
पूरे प्रदेश के कॉलेजों में लगेगी कोचिंग कक्षाएं
आयुक्त बोरड़ ने बताया कि राज्य सरकार के संकल्प पत्र व 60 दिवसीय योजना के तहत राज्य के सभी 252 सरकारी महाविद्यालयों में नियमित पाठ्यक्रम के साथ ही नि:शुल्क कोचिंग कक्षाएं लगाई जाएंगी, जिसमें कॉलेज विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि कलक्टर यादव भी कॉलेज में कोचिंग क्लास लेंगे। यादव इससे पहले झुंझुनूं कलक्टर रहते हुए शैक्षिक नवाचार के तहत कलक्टर की क्लासेज के नाम कोचिंग क्लास ले चुके हैं। विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए आयुक्त ने कहा कि सरकारी सेवा में चयन बहुत अधिक मुश्किल नहीं है। इस क्षेत्र में जाने के इच्छुक विद्यार्थी सर्वप्रथम अपना लक्ष्य निर्धारित करें तथा उसी के अनुरूप सकारात्मक चिंतन अपनाते हुए आगे बढ़ें। सोच व चिंतन का प्रतिफलन जीवन में निश्चित रूप से होता है। आयुक्त बोरड़ ने नागौर सहित राज्य के सभी सरकारी महाविद्यालयों में इस प्रकार की नि:शुल्क कोचिंग कक्षाओं के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग का संकल्प लिया।
जिला प्रशासन करेगा सहायता
जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव ने कोचिंग कक्षाओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा हर सम्भव सहायता का आश्वासन दिया गया। झुंझुनूं कलक्टर के पद पर कार्यरत रहने के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि पूरी निष्ठा व लगन के साथ काम करने पर निर्धन, ग्रामीण विद्यार्थियों के हित में इस तरह की कक्षाएं कहीं अधिक उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। महाविद्यालय में युवा विकास केन्द्र के प्रभारी डॉ. हरसुख छरंग ने सत्र-पर्यंत विद्यार्थियों द्वारा अर्जित उपलब्धियों का परिचय देते हुए आयुक्त की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर विधि महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने समस्त संकाय सदस्यों की प्रतिबद्धता प्रकट की। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर एमपी बजाज ने आयुक्त तथा जिला कलक्टर सहित सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
Published on:
02 Jan 2019 12:24 pm
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