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वीडियो : जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने पहली बार की स्पाइन सर्जरी

घुटना प्रत्यारोपण के सैकड़ों ऑपरेशन करने के बाद युवा डॉक्टरों ने नागौर में किया रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन, हड्डी विभाग में डॉक्टरों की अ‘छी टीम से मरीजों को मिलेगी राहत

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नागौर. जिला मुख्यालय के पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टरों ने पहली बार स्पाइन की सफल सर्जरी कर दर्द से पीडि़त मरीज को राहत प्रदान की है। जिला अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टरों ने करीब एक महीने से दर्द के कारण चलने-फिरने में अक्षम महिला मरीज का ऑपरेशन करने के बाद बिना किसी सहारे के चला दिया। गौरतलब है कि जेएलएन अस्पताल के आर्थोपेडिक विभाग में हर माह घुटना प्रत्यारोपण के 8 से 10 ऑपरेशन हो रहे हैं। अब पहली बार विभाग के डॉ. हितेश चौधरी व डॉ. रणजीत सिंह चौधरी ने रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन करके नई शुरुआत की है। इस दौरान उनके सहयोग के लिए डॉ. कुसुम चौधरी, डॉ. लक्ष्मण कुमार, डॉ. रेखा के साथ नर्सिंग स्टाफ में सरिता राड़, मुकेश प्रजापत, भवानी शंकर, दिनेश व सचिन साथ रहे।

दो महीने से परेशान थी चंदा

डॉक्टरों ने बताया कि चैनार निवासी मरीज चंदा देवी कमर दर्द तथा दाएं पैर में दर्द और सूनेपन से करीब दो महीने से परेशान थी। उसकी स्थिति यह थी कि 10 कदम भी नहीं चल-फिर नहीं सकती थी। वह दैनिक काम करने में भी असमर्थ थी। परिजनों ने उसे कई अस्पतालों में दिखाकर दवा ली, लेकिन आराम नहीं मिला। तब उसने जेएलएन अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. हितेश चौधरी से सम्पर्क किया। उन्होंने मरीज को तथा एमआरआई देखकर रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन की सलाह दी। सहमति मिलने पर मरीज को जेएलएन अस्पताल में भर्ती किया गया, इसके बाद मरीज की रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन करके नस के दबाव को ठीक किया। ऑपरेशन के 4 घंटे बाद ही मरीज को चलाया तथा अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, उसके पैरों व कमर में कोई परेशानी नहीं है। डॉ. चौधरी ने बताया कि इस प्रकार की बीमारी में समय पर ऑपरेशन नहीं कराने पर परेशानी बढ़ जाती है। ऑपरेशन के बाद मरीज चंदा देवी ने पत्रिका को बताया कि वह पिछले दो महीने से पैर में दर्द था। एक महीने पर बिस्तर पर थी, खड़ी नहीं हो पा रही थी, कल जेएलएन में डॉक्टरों ने मेरा ऑपरेशन कर दिया, जिसके एक दिन बाद आज मैं खड़ी हो पा रही हूं।

पहली बार की स्पाइन सर्जरी

जेएलएन अस्पताल में आर्थोपेडिक विभाग के युवा डॉक्टरों ने पहली बार स्पाइन की सर्जरी कर मरीज को राहत प्रदान की है। आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन बड़े शहरों में होते हैं।

– डॉ. महेश पंवार, वरिष्ठ हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ, जेएलएन अस्तपाल, नागौर