जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 65 पर स्थित खरनाल में गुरुवार को तेजा दशमी पर वीर तेजाजी का एेतिहासिक एवं पारम्परिक मेला भरा।
नागौर. मेले में जिले के साथ राजस्थान के विभिन्न जिलों से एवं प्रवासी लोगों ने उपस्थित होकर तेजाजी के मंदिर में हाजिरी लगाई। इस बार तेजाजी के मेले में गत वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा थी। एक अनुमान के अनुसार मेले में करीब ४ लाख लोग पहुंचे। मेले के दौरान हर वर्ष की भांति इस बार भी धर्म सभा का आयोजन सभा स्थल पर हुआ, लेकिन धर्म सभा राजनीतिक सभा में बदली नजर आई। सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आगामी चुनावों में उखाड़ फेंकने की बात कही।
कोर्ट से नहीं मिली अनुमति
गौरतलब है कि इस बार तांगा दौड़ का मुद्दा काफी गर्म हुआ था, जिसमें सरकार ने उच्च न्यायालय में रिव्यू पिटिशन दायर की थी, लेकिन कोर्ट से अनुमति नहीं मिली। इसको लेकर वक्ताओं का आरोप था कि सरकार ने कोर्ट में मजबूती से पैरवी नहीं की और दोगली नीति अपना रही है। उधर, तांगा दौड़ का आयोजन न हो, इसके लिए पुलिस ने भी पुख्ता बंदोबस्त किए। जिले सहित बाहरी जिलों से भी आरएसी व एसटीएफ का बल तैनात किया गया। मेला आयोजन कमेटी ने दौड़ की परम्परा को जीवित रखने के लिए शाम को तांगा दौड़ की जगह साइकिल दौड़ करवाई।
झुझण्डा के सम्पत ने जीती साइकिल दौड़
वीर तेजाजी के मेले के दौरान तांगा दौड़ कराने को लेकर पिछले काफी दिनों से किए जा रहे दावों के बीच गुरुवार को धर्मसभा के बाद साइकिल दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें झुझण्डा के सम्पत जेठू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं पालड़ी पिचकिया के ओमप्रकाश ने द्वितीय व सींगड़ के दयालराम पुत्र मोहनराम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। साइकिल दौड़ के विजेताओं को नगर परिषद नागौर की ओर से साफा पहनाकर नकद पुरस्कार दिए गए। नगर परिषद सभापति कृपाराम सोलंकी व एसडीएम परसाराम ने विजेताओं को क्रमश: ५१००, २१०० व ११०० रुपए का नकद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र दिए।
देखने लायक था दौड़ का रोमांच
हालांकि उच्च न्यायालय की रोक के कारण तांगा दौड़ नहीं हो सकी, लेकिन एेतिहासिक परम्परा को जीवित रखने के लिए आयोजन समिति ने साइकिल दौड़ करवाई, जिसको देखने के लिए लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। खरनाल से लेकर नागौर तक हाइवे के दोनों तरफ दर्शकों की भीड़ लगी रही, वहीं दुपहिया व चार पहिया वाहनों में सवार लोग भी दौड़ के पीछे-पीछे चल रहे थे। साइकिल दौड़ को पुलिस की गाडि़यों ने एस्कोर्ट किया। इसके बावजूद दुपहिया वाहन चालक पीछे-पीछे चल रहे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें साइकिल सवारों से दूर रखने का प्रयास भी किया। एक बार तो तीन-चार मोटरसाइकिल सवार गिर गए।
हाइवे पर रहे पुख्ता बंदोबस्त, सभा स्थल पर नहीं
तांगा दौड़ नहीं हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने हाइवे पर जगह-जगह पुलिस जाब्ता तैनात किया। हालांकि सभा स्थल एवं खरनाल में पुलिस के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने से दोपहर करीब एक बजे लम्बा जाम लग गया, जो करीब एक घंटे तक रहा। सभा स्थल पर भी पुलिस असहाय नजर आई। उधर, चिकित्सा विभाग ने मूण्डवा ब्लॉक सीएमएचओ राजेश बुगासरा के नेतृत्व में चार एम्बुलेंस और दो टीमें मुस्तैद रहीं, जिसमें एक जीएनएम, एक एएनएम और कर्मचारी शामिल रहे।