
Gas Agency Lottery Process
नागौर. जिला परिषद सभागार में बुधवार व गुरुवार को चली एलपीजी गैस एजेंसी आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। लॉटरी प्रक्रिया के दूसरे दिन गुरुवार को गैस एजेंसी के लिए आवेदकों ने सवाल खड़ा करते हुए एचपीसीएल व रसद विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत कर रसूखदार व पैसे वाले लोगों के नाम गैस एजेंसी आवंटन करने के आरोप लगाए। आवेदन करने वाले आवेदकों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया में उन लोगों के नाम आवंटन किया जा रहा है, जिन्होंने आवेदन ही नहीं किया। इसके साथ यह बात भी सामने आई कि दुर्गम क्षेत्र की ग्राम पंचायत में बाहर के व्यक्ति का आवेदन लेकर उसी के नाम आवंटन किया गया है।
ये सवाल पैदा करते हैं शक
लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े होने के पीछे तीन बड़े कारण हैं-
- दुर्गम श्रेणी की ग्राम पंचायत में बाहर के व्यक्ति का आवेदन शामिल करना और फिर उसी व्यक्ति के नाम एजेंसी का आंवटन होना।
- गैस एजेंसियों के ज्यादातर आवंटन उन लोगों के नाम हुए हैं, जो रसूखदार या अधिकारियों व राजनेतओं के रिश्तेदार हैं।
- यह बात भी सामने आई है कि जिन लोगों के नाम आवंटन हुआ है, उन्होंने लॉटरी प्रक्रिया से पहले ही घोषणा कर दी कि एजेंसी उन्हें ही मिलेगी।
कम्पनी अधिकारियों को छूटने लगे पसीने
गैस एजेंसी के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों ने लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए एचपीसीएल के अधिकारियों से सवाल-जवाब किए तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि उनके हाथ में कुछ नहीं है, सारी प्रक्रिया ऑनलाइन हो रही है। आवेदकों ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि इस लॉटरी में पूर्ण रूप से कम्पनी व सरकारी अधिकारियों ने मनमर्जी की है। लॉटरी में जो अधिकारी शामिल थे, उन्होंने किसी बात का संतोषजनक जवाब नहीं दिया और न ही कोई बात सही बताई। आवेदकों ने शिकायत करने के लिए कहा तो बोले पांच हजार रुपए की रसीद कटवाओ, उसके बाद होगी। इसके बाद सिलारिया के आवेदकों ने रुपए एकत्र कर शिकायत के लिए मेल आई मांगी तो वे आनाकानी करने लगे। पत्रिका संवाददाता ने अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्होंने मना कर दिया। बोले- हम तो कर्मचारी हैं, हमें कुछ पता नहीं।
लॉटरी प्रक्रिया में धांधली हुई है
जिला परिषद में एलपीजी गैस एजेंसी के ड्रॉ में जमकर धांधली हुई है। ग्राम सिलारिया की गैस एजेंसी का आवंटन दुर्गम क्षेत्र की श्रेणी में किया गया, जिसके नियमानुसार प्रथम वरीयता ग्राम पंचायत के व्यक्ति को दी जानी थी, लेकिन लॉटरी प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के बाहर के व्यक्ति को शामिल करते हुए उसी के नाम आवंटन कर दिया। हमने बीपीसीएल अधिकारियों को शिकायत भेजी है, जांच सही नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
- हनुमान बांगड़ा, प्रदेश महासचिव, यूथ कांग्रेस
आवेदकों को कन्फ्यूजन हो गया था
आवेदकों को कुछ कन्फ्यूजन हो गया था, जिसको लेकर समझाइश करने पर वे शांत हो गए। आवेदकों को जिस बात को लेकर आपत्ति थी, उसकी शिकायत दर्ज करवा दी है। वैसे यह सूची प्रोविजनल है, जिसकी पूरी जांच होगी, उसमें यदि कोई डिफाल्टर पाया गया तो उसका निरस्त हो जाएगा।
- दिनेशचंद्र भार्गव, कार्यवाहक डीएसओ, नागौर
Published on:
01 Dec 2017 11:56 am

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