
Doctors on strike
नागौर. 33 सूत्री मांगों को लेकर सामूहिक इस्तीफा सौंपने के बाद सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था पटरी से उतर गई है। चिकित्सा विभाग ने नागौर, लाडनूं, डीडवाना व कुचामन के पीएमओ अस्पताल में मात्र 25 डॉक्टर लगाए हैं, जिनमें 12 आयुर्वेद तथा 13 परिवीक्षा काल काट रहे एलोपैथी के डॉक्टर हैं, जिनसे व्यवस्था संभाले नहीं संभल रही है। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
सेवारत चिकित्सक संघ नागौर के जिलाध्यक्ष डॉ. देवराज राव ने बताया कि पिछले 4 महीने से सेवारत चिकित्सकों द्वारा सहयोग आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिसके चलते उन्होंने गत 29 अक्टूबर को जयपुर में हुए महासम्मेलन में सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए थे, जो सोमवार से लागू हो गए।
सरकार के सामने अपनी इज्जत बचाने के लिए चिकित्सा विभाग के सीएमएचओ डॉक्टर सुकुमार कश्यप ने जिला मुख्यालय सहित जिलेभर के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था का जिम्मा आयुर्वेद चिकित्सकों एवं परिवीक्षा काल काट रहे चिकित्सकों को सौंपा है, लेकिन उनकी संख्या कम होने से मरीजों को राहत नहीं मिल रही है।
उधर, आयुर्वेद चिकित्सकों ने एलोपैथिक चिकित्सालयों में ड्यूटी के दौरान केवल आयुर्वेद चिकित्सा का ही उपयोग करने की बात कही है।
सेवारत चिकित्सकों द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने के बाद अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखने के लिए चिकित्सा विभाग ने आयुर्वेद चिकित्सकों को लगाया है, लेकिन आयुर्वेद चिकित्सकों ने ड्यूटी के दौरान केवल आयुर्वेद चिकित्सा का उपयोग करने की ही बात कही है। आयुर्वेद चिकित्सक संघ, नागौर के अध्यक्ष डॉ. गजेन्द्रसिंह चारण ने बताया कि सरकार को यदि आयुर्वेद चिकित्सकों की आपालकालीन सेवाएं ही लेनी है तो फिर उन चिकित्सकों की ड्यूटी लगानी थी, जिन्होंने गत वर्ष एनआरएचएम में काम करते हुए एलोपैथिक चिकित्सा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया था। लेकिन चिकित्सा विभाग ने ऐसा नहीं किया है। इसके साथ आयुर्वेद चिकित्सकों ने यह भी मांग की है कि सरकार को आयुर्वेद चिकित्सकों को आपातकालीन सेवा में आपातकालीन दवाओं का उपयोग करने के लिए लिखित में आदेश जारी करने चाहिए। ताकि जनता को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सके।
सेवारत चिकित्सकों को हमारा समर्थन
नागौर आयुर्वेद चिकित्सक संघ सेवारत चिकित्सकों की 33 सूत्री मांगों का समर्थन करता है। राज्य सरकार को राज्य की जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए शीघ्र ही इनकी मांगों को मानना चाहिए।
- डॉ. गजेन्द्रसिंह चारण, अध्यक्ष, आयुर्वेद चिकित्सक संघ, नागौर
आयुर्वेद चिकित्सक देखेंगे व्यवस्था
सेवारत चिकित्सकों के इस्तीफों के चलते सोमवार से अस्पतालों में आयुर्वेद चिकित्सकों एवं परिवीक्षा काल काट रहे चिकित्सकों को लगाया है, ताकि मरीजों को परेशान नहीं होना पड़े।
- डॉ. सुकुमार कश्यप, सीएमएचओ, नागौर
Published on:
06 Nov 2017 11:43 am
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