
Revenu board decision in Abdul Rahman case
नागौर. जिले में आजादी के बाद समय-समय पर भूमिहीन किसानों को आवंटित की गई हजारों बीघा जमीन राजस्व मंडल के आदेश से एक बार फिर मूल किस्म में परिवर्तीत होगी। राजस्व मंडल अजमेर ने नागौर जिले से सम्बन्धित 803 प्रकरणों में निर्णय देते हुए जिला कलक्टर को 27 में दुबारा सुनवाई करने तथा 776 में प्रकरणों में खातेदारी की जमीन मूल किस्म दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
राजस्व मंडल ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना में दिए हैं। गौरतलब है कि 2 अगस्त 2004 को राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने अब्दुल रहमान बनाम सरकार की जनहित याचिका में महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रदेश के जलस्रोतों की सन 1947 की स्थिति बहाल करने को कहा था।
ढाई हजार से अधिक प्रकरण
नागौर जिले में अब्दुल रहमान प्रकरण से सम्बन्धित कुल 2780 मामले हैं, जिनमें से 2723 प्रकरण जिला प्रशासन ने राजस्व मंडल को भेजे थे, जबकि 57 अभी लम्बित हैं। इनमें से राजस्व मंडल अजमेर ने 803 में निर्णय देते हुए 27 प्रकरणों की सुनवाई दुबारा करने तथा 776 प्रकरणों में खातेदारी की जमीन को मूल किस्म में परिवर्तित करने के आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार इस प्रकार की जमीन जिले में हजारों बीमा में है। राजस्व मंडल के आदेशों से एक बात तो तय हो गई है कि यदि मंडल के आदेशों की पालना की जाती है तो काश्तकारों और जमीनों के मामलों में गहरा असर पडऩे वाला है।
40-50 वर्ष पहले हुए कई आवंटन
राजस्व से जुड़े सूत्रों के अनुसार जिले सहित प्रदेश भर में करीब 40-50 वर्ष पहले सरकार ने विभिन्न नियमों के तहत नदियों-नालों व तालाबों के पेटे कास्त की जमीनों (अब्दुल रहमान प्रकरण में प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन) को भूमिहीन एवं अन्य किसानों को आवंटित कर खातेदारी में दर्ज कर दी थी। अब्दुल रहमान प्रकरण में नदी-नालों व नाडी-तालाबों में पानी आने के बहाव क्षेत्रों की 1947 की स्थिति बहाल करने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए थे। ऐसे में वर्षों पहले आवंटित कर खातेदारी में दर्ज की गई जमीनों को अब सरकार एक बार फिर मूल किस्म में दर्ज कर रही है।
आदेश जारी कर दिए हैं
अब्दुल रहमान प्रकरण से सम्बन्धित जिले में कुल 2780 मामले हैं, जिनमें से 2723 प्रकरण जिला प्रशासन ने राजस्व मंडल को भेजे थे। इनमें से राजस्व मंडल अजमेर ने 803 में निर्णय देते हुए 27 प्रकरणों की सुनवाई दुबारा करने तथा 776 प्रकरणों में खातेदारी की जमीन मूल किस्म दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जिसकी पालना में हमने जिले के सम्बन्धित अधिकारियों को आदेश जारी कर खातेदारी की जमीनों को वापस मूल किस्म में दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। - दिनेश कुमार यादव, जिला कलक्टर, नागौर
Published on:
10 Jul 2019 11:16 am
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