
The work of the masses 'strike' by the strike of employees
नागौर. जिले में हड़ताल के कारण कलक्ट्रेट, पंचायत समिति, जिला परिषद, आईसीएस, रसद एवं चिकित्सा तथा शिक्षा और रोडवेज के चक्काजाम हड़ताल के कारण हालात बेकाबू हो गए हंै। गुरुवार के इन विभागीय कार्योलयों में पड़ताल की गई तो हालात बेहद ही खराब मिले। कर्मचारी संगठन से जुड़े कर्मी जहां बैठकों के साथ ही खाली समय गुजारने के लिए कम्प्यूटर पर गेम व अन्य खेलों में व्यस्त रहे, वहीं सरकार व कर्मचारियों के बीच चल रहे संघर्ष में आम का वजूद एवं उसकी समस्याओं के साथ आहत होता नजर आया।
कलक्ट्रेट: सुबह 11 बजे
कोषागार कार्यालय पर पहुंचे तो लेखाकर्मियों की सभी सीटें खाली मिली। कर्मचारी बाहर मीटिंग करते नजर आए। यहां की लेखा शाखा की भी यही स्थिति थी। कर्मचारी अपनी सीटों से गायब थे। लेखा एवं कोषागार में ज्यादातर कक्षों की कुॢसयां पूरी तरह से खाली रही। एक व्यक्ति कोई प्रार्थना पत्र लेकर आया तो पता चला कि हड़ताल है तो फिर वह कोसते हुए लौटा। कलक्ट्रेट परिसर लगभग सन्नाटे में मिला। आम तौर पर चहल-पहल रहने वाले परिसर में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए।
पंचायत समिति: सुबह 11.30 बजे
पंचायत समिति कार्यालय के विभिन्न अनुभागों में सीट पर न तो ग्राम विकास अधिकारी मिले, और न ही कोई मंत्रालयिक कर्मी। कुछ कर्मचारी कम्प्यूटर पर गेम खेलते नजर आए। यहां के लगभग सभी अनुभागों में जाने पर कोई भी कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं मिला, जो मिले तो वह विभागीय कार्यों से इतर हड़ताल पर आपसी चर्चा करते मिले। मुख्य गेट के पास ही करीब दर्जन भर कर्मचारी मीटिंग करते मिले। इस दौरान कर्मचारी नेताओं के भाषण भी चल रहे थे। वह सरकार को कोसते नजर आए।
रोडवेज: 12.45 बजे
रोडवेज परिसर पूरी तरह से सन्नाटे में नजर आया। कुछ लोग यहां पर बैठे मिले। उनसे बात करने का प्रयास किया तो बात करने से इनकार करते हुए कहा कि बातचीत करने से रोडवेज की बस मिल जाएगी क्या। पूरी बुकिंग विंडो यहां पर बंद मिली। इसके बाद यहां के आफिस में पहुंचे तो यहां पर भी ज्यादातर कर्मियों की सीटे खाली मिली। पता चला कि मंत्रालयिक कर्मियों की हड़ताल के कारण कोई भी काम नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में कर्मचारियों से मुलाकात हुई तो उनका कहना था कि संगठन के आह्वान पर वह हड़ताल में शामिल हुए हैं। इसके बाद रोडवेज कर्मियों के धरना स्थल पर पहुंचे तो यहां पर एटक अध्यक्ष हरीराम जाजड़ा कर्मचारियों को संबोधित करते मिले।
हड़ताल का असर दिखा इन कार्यालयों में
विभाग : कलक्ट्रेट, मंत्रालयिक
मांगें : वेतन विसंगति व कैडर सुधार
कब से : छह दिन से
असर : आम जनता के रोजमर्रा कार्य पड़े है बंद।
विभाग : रोडवेेज
मांगें : वेतन विसंगति दूर करना, एरियर भुगतान एवं बकाया मंहगाई भत्ता व रिक्त पदों को भरना
असर : रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से जनजीवन अस्तव्यस्त
विभाग : रसद, मंत्रालयिक
कब से : छह दिनों से
मांगें : वेतन विसंगति दूर करना, कैडर सुधार करना
असर : वभागीय लेखन गतिविधियां प्रभावित
विभाग : जिला परिषद, मंत्रालयिक
कब से : छह दिनों से
मांगें : वेतन विसंगतियां, कैडर सुधार असर : ग्राम पंचायतों के
कार्य प्रभावित
विभाग : लेखा विभाग, कलक्ट्रेट
मांगे : कनिष्ठ लेखाकार को 4200 ग्रेड पे देना, कनिष्ठ लेखाकार का नाम बदलकर कनिष्ठ लेखाधिकारी करना, अधीनस्थ लेखा सवंर्ग में 2 टीयर पद्धति लागू करना।
कब से : तीन दिन से
असर क्या : सरकारी अधिकारी-कर्मियों के वेतन के साथ अन्य योजनागत मदों का भुगतान रुकना
विभाग : पंचायत समिति, ग्राम विकास अधिकारी
मांगे : कैडर सुधार, वेतन विसंगति, पदोन्नति, छठे वेतन आयोग की विसंगति दूर करना।
कब से : 16 दिन
असर क्या : केन्द्र एवं राज्य सरकार की करीब 450 सरकारी योजनाओं का संचालन ठप
विभाग : पंचायत समिति, पंचायत प्रसार अधिकारी
मांगे : कैडर सुधार, वेतन विसंगति दूर करना
असर क्या : पंचायतों से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित
विभाग : शिक्षा विभाग,
मंत्रालयिक कर्मी
मांगे : कैडर सुधार, ग्रेड पे 3600
किया जाना
कब से : छह दिन
असर क्या : शिक्षकों के चयनित वेतनमान प्रक्रिया ठप, शिक्षकों के अवकाश स्वीकृत न होना
विभाग :चिकित्सा, मंत्रालयिक
मांगे : कैडर सुधार व वेतन विसंगति
कितने दिन से...छह दिनों से
असर क्या : चिकित्सा की विभागीय गतिविधियां प्रभावित
विभाग :आईसीडीएस, मंत्रालयिक
मांगे : .कैडर सुधार
कब से : छह दिन से
असर क्या : विभागीय गतिविधियां का लेखन प्रभावित
विभाग : बीमा, मंत्रालयिक
कब से : छह दिन
मांगे : वेतन विसंगतियों का निराकरण व कैडर सुधार
असर क्या : विभागीय गतिविधियां, पत्राचार आदि प्रभावि
विभाग : रसद, मंत्रालयिक
कब से : छह दिनों से
मांगे : वेतन विसंगति व कैडर सुधार
असर : विभागीय लेखन
गतिविधियां प्रभावित
मुद्रांक विक्रेता संघ ने भी चेताया
मुद्रांक विक्रेता संघ ने जिला कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर हड़ताली कर्मियों का समर्थन किया है। अध्यक्ष बी. पी. चौधरी ने दिए ज्ञापन के माध्यम से चेताया कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उप पंजीयन कार्यालय में बेचान आदि पंजीयन नहीं होने से हालात बिगड़े हैं। यही स्थिति रही तो संघ भी इनके साथ शामिल हो जाएगा। फिलहाल समर्थन करते हुए इनकी न्यायोचित मांगों को पूरी किए जाने का आग्रह किया गया है।

Published on:
28 Sept 2018 12:28 pm
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