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स्कूल का मुख्यद्वार बंद कर ग्रामीणों ने जताया रोष

डेढ़ घंटे खींचतान के बाद बुजुर्गो की समझाइश से मामला हुआ शांत
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चौसला. प्रधानाचार्या मधु शर्मा से समझाइश करते ग्रामीण।

चौसला. प्रधानाचार्या मधु शर्मा से समझाइश करते ग्रामीण।

चौसला. कस्बे की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को प्रधानाचार्य के खिलाफ ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य मधु शर्मा बच्चों के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करती है। दरअसल, अभिभावक बालूराम गुर्जर व प्रधानाचार्य मधु शर्मा के बीच हस्ताक्षर नहीं करने को लेकर बुधवार को कहासुनी हुई।
गुरुवार को इसी बात को लेकर 20-30 ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। प्रधानाचार्य मधु शर्मा व गांव वालों के बीच आधे पौन घंटे तक खींचतान चलती रही। मौके पर सरपंच सम्पति देवी शर्मा भी पहुंच गई। ग्रामीणों ने प्रधानाचार्य की मनमानी से नाराज होकर सभी बच्चों को स्कूल के मुख्यद्वार के बाहर निकाल लिया तथा धरना देने लगे। थोड़ी देर बाद तत्कालीन सरपंच शिवकरण चौधरी, भंवरलाल झाझड़ा (चौधरी चरण सिंह), अशोक कुमार शर्मा वहां पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी लेकर ग्रामीणों से बात की। प्रदर्शन कर लोगों ने बताया कि हमारी मुख्य शिकायत प्रधानाचार्य मधु शर्मा के व्यवहार से है। मैडम स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के कागजात पर हस्ताक्षर नहीं करती है। वहीं प्रधानाचार्य मधु शर्मा का कहना है जायज कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए किसी को मना नहीं किया। बालूराम गुर्जर अपनी पत्नी की जन्म तिथि बदलवाने के कागजात पर हस्ताक्षर करवा रहा था। उसका कब और कहा जन्म हुआ है मुझे क्या मालूम। ऐसे कैसे हस्ताक्षर कर दूं। मैंने विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों के कागजों पर हस्ताक्षर के लिए कभी मना नहीं किया। ग्रामीणों व शिक्षकों की बात सुनकर गांव के बुजुर्ग लोगों ने समझाइश कर मामले को शांत किया। जिसके बाद बच्चों को 9:45 बजे स्कूल में प्रवेश करने दिया।