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अब एक महीने तक नहीं आएगा नहर से पानी! जानिए, तो फिर कैसे होगी नागौर में पानी की सप्लाई

नागौर सहित प्रथम फेज के करीब 200 गांवों में सप्लाई देने के लिए रोजाना चाहिए 80 मिलियन पानी

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water supply in Nagaur

Water from Canal will not come for a month, water supply in Nagaur

नागौर. सफाई व मरम्मत के चलते नहरी विभाग द्वारा 29 मार्च से लिए गए क्लोजर (नहरबंदी) के चलते आगामी करीब एक महीने तक नहर से पानी की सप्लाई नहीं होगी। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नागौर जिले में क्लोजर का पानी सप्लाई पर कोई असर नहीं होगा। अधिकारियों के अनुसार जिले के नागौर, मूण्डवा, बासनी, मूण्डवा, कुचेरा, मेड़ता सहित जिले के करीब 117 गांवों में नहरी पानी की सप्लाई की जा रही है, जो नहरबंदी के दौरान भी अनवरत जारी रहेगी। उधर, नहरबंदी की सूचना मिलते ही लोगों ने पानी को सहेजना शुरू कर दिया है। लोगों को आशंका है कि यदि नहरबंदी में ज्यादा समय लगा तो पानी की किल्लत हो सकती है।

4440 मिलियन लीटर स्टॉक
नागौर लिफ्ट कैनाल प्रोजेक्ट के चीफ इंजिनियिर महेश करल ने बताया कि उन्होंने नहरी बंदी की जानकारी मिलने पर जनवरी से ही से पानी स्टोर करना शुरू कर दिया था। वर्तमान में नोखा दैय्या में उनके पास 4440 मिलियन लीटर (एक मिलियन लीटर बराबर 10 लाख लीटर) पानी स्टॉक है। नागौर शहर सहित बासनी, मूण्डवा, कुचेरा, मेड़ता, रेण कस्बों व करीब 110 गांवों में एक बार सप्लाई देने के लिए जलदाय विभाग को करीब 80 मिलियन लीटर पानी रोजाना चाहिए। ऐसे में चीफ इंजिनियर करल का कहना है कि यदि 10 प्रतिशत पानी छीजत में भी जाए तो 40 दिन तक कोई परेशानी नहीं आएगी। नहरबंदी को लेकर दो दिन पहले चीफ सेकेट्री ने अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम जानकारी ली, जिसमें अधिकारियों ने बताया है कि पानी सप्लाई के हिसाब से नागौर सबसे ज्यादा सुरक्षित है।

कब हो सकती है परेशानी
गौरतलब है कि नहरी विभाग के अधिकारी इन दिनों जायल तक पानी पहुंचाने के लिए रात-दिन जुटे हुए हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि 31 मार्च तक नहर का पानी जायल तक पहुंचा दें। इसके चलते बुधवार तक पाइपलाइन के जरिए पानी सोमणा से 10 किलोमीटर आगे तक पहुंचा दिया गया। हालांकि पानी चोरी के लिए ग्रामीणों द्वारा एयर वॉल्व व नट-बोल्ट चोरी करने के कारण काम में थोड़ा विलम्ब हुआ है। अधिकारियों के अनुसार 1.7 मीटर व्यास की पाइपलाइन से देशनोक से जोधियासी होते हुए पानी जायल तक ले जाया जा रहा है, जिसकी दूरी 127 किलोमीटर है। एक किलोमीटर पाइपलाइन का भरने के लिए करीब सवा 2 लाख लीटर पानी चाहिए, ऐसे में केवल पाइपलाइन भरने के लिए ही 300 मिलियन पानी चाहिए। इसके साथ यदि जायल में सप्लाई शुरू की जाती है तो और अधिक पानी की आवश्यकता रहेगी।

पत्रिका अपील : फिर भी बरतें मितव्ययता
नहरी विभाग एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों ने 29 दिन तक होने वाली नहरबंदी के चलते पर्याप्त मात्रा में पानी स्टॉक किया है, फिर भी हमें पानी की बर्बादी को रोककर मितव्ययता पूर्ण तरीके से पानी का उपयोग करना है, ताकि सप्लाई बाधित होने पर परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। जायल में क्षेत्र में सप्लाई शुरू होने से पानी का बंटवारा होगा, जिससे सप्लाई कम होने की संभावना जताई जा रही है।

पर्याप्त पानी, नहीं होगी कमी
नहरबंदी के चलते हमने जनवरी से ही पानी स्टॉक करना शुरू कर दिया। वर्तमान में हमारे पास 4440 मिलियन लीटर पानी स्टोर है, जिससे 40 दिन तक जिले में सप्लाई की जा सकती है।
- महेश करल, चीफ इंजिनियर, नागौर लिफ्ट कैनाल प्रोजेक्ट