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Nagaur news…जलदाय विभाग के दावों के बीच चार से पांच दिनों में दे रहा पानी

नागौर. नहरबंदी समाप्त होने के बाद भी जल संकट कम होने की जगह और बढ़ गया है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों की स्थिति बेहतर बताए जाने के जलदाय विभाग के दावों के बीच पानी के लिए गांव में नहीं, बल्कि शहर में भी किल्लत हो गई है। कारण रविवार को छोडकऱ एक दिन […]

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नागौर. नहरबंदी समाप्त होने के बाद भी जल संकट कम होने की जगह और बढ़ गया है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों की स्थिति बेहतर बताए जाने के जलदाय विभाग के दावों के बीच पानी के लिए गांव में नहीं, बल्कि शहर में भी किल्लत हो गई है। कारण रविवार को छोडकऱ एक दिन बाद जलापूर्ति करने का जलदाय विभाग दावा भी अब झूठा हो चुका है। पड़ताल में सामने आया कि लोगों के घरों में पानी चार से पांच दिनों के अंतराल में भी बमुश्किल पहुंच रहा है। वह भी पूरी मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। पहले पूरे लगभग एक घंटे पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन अब महज 30-35 मिनट ही हो पा रही है। वह भी पूरे प्रेशर के साथ पानी नहीं आ पा रहा। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोगेलाव डेम पर एक नहीं, बल्कि दो से तीन किलोमीटर लंबी टेंकर्स की लाइन लग रही है। घरों में पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं आने के चलते लोगों को अब इन टेंकर्स के भरोसे रहना पड़ रहा है। इतनी मुश्किलों के बीच भी जलदाय विभाग के अधिकारी खुद की पीठ थपथपाने में लगे हुए हैं।

जल वितरण व्यवस्था पटरी से से उतरी

बढ़ती गर्मी के साथ ही जलदाय विभाग की जल वितरण व्यवस्था फेल हो चुकी है। अभियंताओं की भारी-भरकम फौज होने के बाद भी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण व्यवस्था पटरी से पूरी तरह से उतर चुकी है। लोगों को एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सक्षम तो बमुश्किल टेंकर्स से जल परिवहन कराकर अपनी जरूरत किसी तरह से पूरी कर ले रहे हैं, लेकिन गांवों में हालात इससे भी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। मजबूरी में पानी की तलाश आसपास के गांवों में हैंडपम्पों एवं नलकूपों के सहारे पूरी की जा रही है।

शहरी क्षेत्रों में यह है हाल: टेंकर्स की लग रही लंबी लाइन

शहर की सोफिया कॉलोनी, नया दरवाजा, काठडिय़ा का चौक, बाठडिय़ा का चौक, लोढ़ों की पोल, भूरावाड़ी, मिश्रावाड़ी, बालवा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड, ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड, बाड़ीकुआं, दिल्ली दरवाजा, इंदिरा कॉलोनी आदि क्षेत्रों में हुई पड़ताल में सामने आया कि एक दिन किसी भी क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं की जा रही है। तीन से चार दिनों के अंतराल में इन क्षेत्रों में पानी आ रहा है। प्रतापसागर कॉलोनी के कैलाश ने बताया कि तीन से चार दिन में पानी आता भी है तो उनको पर्याप्त मात्रा में नहीं आ पाता। ऐसे में टेंकर्स से पानी मंगाना पड़ रहा है, लेकिन टेंकर चालक भी उनको एक दिन बाद ही पानी दे पाता है। इसकी वजह बताते हैं कि टेंकर्स चालक कहते हैं कि उनको खुद अपना टेंकर भरने के लिए गोगेलाव डेम पर चार से पांच घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। यह भी निश्चित नहीं है कि पानी उनको उसी दिन मिल ही जाए। कारण की टेंकर्स की लंबी लाइन लगी रहती है। नंबर आने पर कई बार शाम हो जाती है। पांच के बाद फिर पानी मिलना बंद हो जाता है। ऐसे में उनको अगले दिन के लिए नंबर लगाना पड़ता है।

गांवों में हालात भयावह: बेपरवाह जलदाय विभाग

नागौर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में कुल मिलाकर 99 गांव एवं करीब 1500 ढाणियां हैं। यहां पर भी जलापूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। हालांकि कागजों में नागौर परिक्षेत्र में आने वाले कुल 844 नलकूप एवं 47 हैण्डपम्पों की स्थिति के बेहतर होने का दावा विभाग करता है, मगर चेनार, अमरपुरा, बालवा, बाराणी, डुकोसी, अठियासन, रामसिया, ताऊसर, फागली आदि क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति होने लगी है। सुबह होते ही इन क्षेत्रों में पानी की तलाश के लिए लोगों को सुदूर क्षेत्रों में भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों में रामधन, सुमेर, भंवरलाल, रामजीलाल आदि की माने तो पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। यहां पर गिने-चुने तो कनेक्शन हैं गांव में, उसमें भी पानी नहीं आता है।

नागौर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की सुविधा पर एक नजर

शहरी क्षेत्र की कुल आबादी: करीब डेढ़ लाख

कुल उपभोक्ता है -24000

-कुल उच्च जलाशय है -26

-शहरी क्षेत्र मे एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है-21 एमएलडी

– कागजों में शहरी क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति आपूर्ति 100-135 लीटर पानी

इनका कहना है…

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए गए हैं। इसके बाद भी किसी क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है तो वह फिर जलदाय विभाग में जानकारी दे सकता है।

रमेशचंद्र चौधरी, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग नागौर

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