
When the agriculture officer arrived, the sub-divisional officer was surprised to see the crowd
नागौर. असिस्टेंट एग्रीकल्चर आफिसर टेक्नोक्रेट एसोसिएशन की ओर से प्रदेश में पंचातय समिति स्तर पर कृषि अधिकारी नवीन पद सृजित कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं पशुपालन मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार को सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि अन्य विभागों के पंचायत समिति स्तर पर राजपत्रित स्तर के अधिकारियों की नियुक्तियां रहती हैं, लेकिन कृषि विभाग का केवल सहायक कृषि अधिकारी स्तर के अधिकारी की तैनातगी होती है। इसकी वजह से महिला एवं बाल विकास विभाग, ब्लॉक शिक्षा, जलदाय आदि अधिकारियों के साथ समन्वय नहीं होने की वजह से योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा। इसका खामियाजा कृषकों को भुगतना पड़ रहा है। केवल यही नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पंचायत समिति स्तर पर राजपत्रित स्तर के कृषि अधिकारी का पद सृजित करने की आवश्यकता है। ताकि बीज, खाद एवं उर्वरक की कालाबाजारी पर रोकथाम लग सके। इस दौरान संरक्षक स्वरूपराम जाखड़, जिलाध्यक्ष रतनलाल जीतरवाल, सुशील बेरा, स्वरूपराम, महेन्द्र चौधरी, मनीषा, कांता कुमावत, रामकिशोर जीतरवाल आदि मौजूद थे।
नागौर.असिस्टेंट एग्रीकल्चर आफिसर टेक्नोक्रेट एसोसिएशन के पदाधिकारी उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार को ज्ञापन देते हुए
पालनहार योजना में लाभान्वितों की संख्या बढ़ी
जिले में भी पहले नंबर पर मकराना, आखरी पायदान पर भैरूंदा
पालनहार योजना के लाभान्वितों के आंकड़ों में नागौर ब्लॉक पहले नंबर पर है।
नागौर ब्लॉक में लाभान्वितों की संख्या सर्वाधिक मकराना की रही है। जबकि ब्लॉकों में डेगाना, डीडवाना, जायल, लाडनू, परबतसर एवं खींवसर आदि ब्लॉकों में लाभान्वितों की संख्या मकराना ब्लॉक से कम रही है। हालांकि लाभान्वितों में जहां मकराना पहले नंबर पर रहा, और आखरी पायदान पर भैरूंदा ब्लॉक का रहा। भैरूंदा ब्लॉक में लाभान्वितों की संख्या महज 27 ही रही है। जबकि डेगाना, डीडवाना, जायल, लाडनू, नागौर आदि की संख्या औसतन बेहतर रही है।
ब्लॉक लाभान्वितों की संख्या
डेगाना 1820
डीडवाना 1823
जायल 1802
कुचामनसिटी 1915
लाडनू 1910
मकराना 3182
मेड़ता 1617
मूण्डवा 1560
नागौर 2375
परबतसर 1801
रियाबड़ी 1468
नावां 1215
मौलासर 1115
खींवसर 1670
भैरूंदा 27
पालनहान योजना का लाभ केवल इनको मिलेगा
नागौर. पालनहार योजना में केवल 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को 500 प्रति माह एवं स्कूल में प्रवेश लेने के बाद 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों को प्रतिमाह 1000 की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। योजना का लाभ केवल निराश्रित पेंशन की मात्र विधवा माता के तीन बच्चे, नाता जाने वाली माता के तीन बच्चे, पुर्नविवाहित विधवा माता के तीन बच्चे, अनाथ सभी बच्चे, विशेष योग्यजन माता-पिता के सभी बच्चे, तलाशशुदा या परित्यक्ता महिला के सभी बच्चे, कुष्ठ रोग से पीडि़त माता-पिता के सभी बच्चे, एचआईवी पीडि़त माता-पिता के सभी बच्चे, मृत्युदण्ड या आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के सभी बच्चे होने पर ही मिलेगा।
Published on:
08 Dec 2022 09:57 pm
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