
Rajasthan Politics: नागौर के खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच, भाजपा नेता ज्योति मिर्धा ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि इस पत्र को पार्टी के ही किसी सदस्य ने लीक किया है। उन्होंने दावा किया कि पत्र को वायरल करने वाले व्यक्ति की पहचान हो गई है और जल्द ही इसकी जांच के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, ज्योति मिर्धा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहती नजर आ रही हैं कि विधायक का मुख्यमंत्री को बंद लिफाफे में अपनी मांग रखना उसका अधिकार है। उन्होंने कहा कि जिसने इस पत्र को लीक किया, उसके बारे में पता चल गया है। कुछ लोगों ने पहले ही सूचना फैला दी थी कि उनके पास यह पत्र है और वे सही समय पर इसे जारी करेंगे।
उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि इसका कनेक्शन हमारी ही पार्टी से निकलकर सामने आया है। मिर्धा ने यह भी बताया कि यह मामला पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के संज्ञान में है और कुछ लोग नहीं चाहते कि विधायक डांगा खींवसर में मजबूत स्थिति हासिल करें। इस घटना के बाद से राजस्थान बीजेपी में अंदरूनी सियासी हलचल बढ़ी हुई है। अब सवाल यह है कि क्या पार्टी इस मामले में सख्त कदम उठाएगी?
इस दौरान ज्योति मिर्धा ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल और उनके भाई नारायण बेनीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने बिजली बिलों के मुद्दे पर बेनीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों के बिजली कनेक्शन काटने के बजाय उन घरों के कनेक्शन काटे जाने चाहिए, जहां बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं।
गौरतलब है कि 30 जनवरी को लिखे गए इस वायरल पत्र में विधायक डांगा ने अपनी पीड़ा व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा कि हनुमान बेनीवाल दोनों पार्टियों के साथ सांठ-गांठ करके नागौर जिले में राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति रही तो आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी की स्थिति बेहद खराब हो सकती है। पत्र में विकास कार्यों और तबादलों से जुड़ी शिकायतें भी शामिल थीं।
Updated on:
22 Mar 2025 06:20 pm
Published on:
22 Mar 2025 03:58 pm
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