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वीडियो : विश्व पर्यावरण दिवस विशेष – इस साल वायु प्रदूषण को कम करने पर रहेगा जोर

इस बार पर्यावरण दिवस पर सरकार ने रखी वायु प्रदूषण की थीम  

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air pollution

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नागौर. बढ़ते औद्योगिक क्षेत्र के चलते जिले सहित प्रदेश व देश में वनों का क्षेत्र लगातार घटता जा रहा है। हालांकि वन विभाग के सहयोग से विभिन्न सरकारी विभागों, पर्यावरण प्रेमी लोगों, संगठनों एवं निजी संस्थाओं द्वारा हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन उचित देखभाल व समय पर पानी नहीं मिलने के कारण ज्यादातर पौधे पेड़ बनने से पहले ही जल जाते हैं। जितने पौधे लगाए जाते हैं, उससे अधिक संख्या में हर साल पेड़ काटे जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में प्रदूषण के हालात भयावह हो जाएंगे।

5 जून को विश्वभर में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, इस दिन पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दिया जाता है। इस बार सरकार ने पर्यावरण दिवस की थीम वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करना रखी है। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव ने जिले के लोगों के नाम संदेश देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में काम करें, ताकि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण मिल सके। कलक्टर ने कहा कि धीरे-धीरे जनता जागरूक हो रही है। उन्होंने जिलेभर के लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस वर्ष का पर्यावरण दिवस की थीम वायु प्रदूषण को कम करना है। इसमें सब लोग अपना अपना योगदान दें। वाहनों की जांच समय-समय पर करवाएं, ताकि वायु प्रदूषण नहीं हो।

कलक्टर ने किसानों से कहा कि वे खेती में बचने वाले अपशिष्ट जलाने की बजाए उसकी खाद बनाकर खेत में डालें। प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें, इससे पर्यावरण को सबसे अधिक खतरा है। कपड़े, काजग व जूट के बैग का उपयोग करें। प्लास्टिक को जलाएं नहीं, जिससे कार्बन उत्र्सजन नहीं हो। उन्होंने कहा कि पर्यावरण दिवस पर यदि हम प्रण लेंगे तो निश्चित तौर पर पर्यावरण संरक्षण होगा।

इस वर्ष लगेंगे सवा चार लाख पौधे
उप वन संरक्षक नागौर मोहित गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष बारिश के सीजन में पौधरोपण करने के लिए जिलेभर की 11 नर्सरियों में विभिन्न योजनाओं के तहत विभिन्न प्रजातियों के 4 लाख 31 हजार 689 पौधे वितरण के लिए तैयार किए गए हैं। इसमें नीम, करंज, शीशम, बोगन बेल, मेहंदी, पपीता, सीरस, कनेर, बेर, खेजड़ी, रोहिड़ा, गुलमोहर, अरडू, गूंदा, अंजीर, मीठी बादाम, चांदनी, जामुन, बिल्व पत्र, बड़, केसिया, शामा, रातरानी, नींबू व अनार सहित अन्य किस्म के पौधे तैयार किए गए हैं।