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मध्यप्रदेश के उज्जैन से अलग होगा नागदा, बनेगा ‘नया जिला’

मध्यप्रदेश में मऊगंज को जिला बनाने की घोषणा हो चुकी है...। वहीं मैहर, चांचोड़ा को जिला बनाने का काम भी अटका हुआ है...।

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नागदा

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Manish Geete

Jul 20, 2023

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) ने गुरुवार को एक और नया जिला बनाने की घोषणा कर दी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि उज्जैन से अलग होकर नागदा को अलग जिला बनाया जाएगा और उन्हेल को नई तहसील बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को दोपहर में नागदा में आयोजित विकास पर्व कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नागदा को जिला बनाने की काफी समय से मांग उठ रही थी। इसे जिला बनाने के लिए हाल ही में नागदा से भोपाल तक यात्रा भी निकाली गई। इससे पहले स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया ने प्रधानमंत्री के एक कार्यक्रम में जिला बनाने की मांग उठाई थी। इसके लिए प्रस्ताव भी बनाकर भेजा गया था। चौहान ने गुरुवार को मुक्तेश्वर महादेव परिसर में विकास पर्व व हितग्राही सम्मेलन में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।

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15 अगस्त को मऊ गंज में फहराएगा झंडा

इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने 4 मार्च को रीवा जिले में आयोजित कार्यक्रम में मऊ गंज को अलग जिला बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मैं इसका नक्शा भी लेकर आया हूं। 15 अगस्त को मऊ गंज जिला मुख्यालय पर झंडा फहराया जाएगा। चौहान ने संबल योजना के कार्यक्रम में कहा था कि रीवा जिले के कलेक्टर ने मऊ गंज को जिला बनाने का प्रस्ताव राजस्व मंत्रालय के सचिव को भेजा था।

रीवा से अलग होकर मऊगंज के जिला बनने पर 1070 गांव सहित रीवा की काफी आबादी अलग हो जाएगी। 10 राजस्व सर्किल और 264 पटवारी हल्के इस नए जिले में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा मऊगंज, नईगढ़ी और हनुमना इस जिले में शामिल हो जाएंगे। इससे पहले 2008 में शिवराज सिंह चौहान ने ही मऊ गंज को नया जिला बनाने की घोषणा की थी।

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यह जिले बन चुके हैं

2008 में शिवराज सिंह के सीएम रहते दो नए जिले झाबुआ से टूटकर अलीराजपुर और सीधी से टूटकर सिंगरौली जिला बनाया गया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में जिलों की संख्या 50 हो गई थी। मध्यप्रदेश में एक बार फिर शाजापुर जिले को तोड़कर आगर-मालवा जिला बनाया गया तब जिलों की संख्या 51 हो गई। इसके बाद 2018 में एक बार फिर मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जैसे बड़े जिले को तोड़कर निवाड़ी जिला बनाया गया। अब एमपी के जिलों की संख्या 52 हो गई। यदि 15 अगस्त तक रीवा से अलग होकर मऊगंज जिला बन जाता है तो मध्यप्रदेश में कुल जिलों की संख्या 53 हो जाएगी। इसके बाद नागदा भी जिला बन जाता है तो यह मध्यप्रदेश का 54वां जिला होगा।

तीन जिले बनने से अटके

इससे पहले कमलनाथ सरकार के दौरान सतना जिले के मैहर और चांचोड़ा के भी जिला बनाए जाने की घोषणा कमलनाथ सरकार के समय हो चुकी है। यह जिले बनने से अब तक अटके हुए हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश के महेश्वर को भी अलग जिला बनाए जाने की मांग लगातार चल रही है।

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