31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सावधान: ‘कोरोना’ व ‘वायरल फीवर’ के एक जैसे लक्षण, डॉक्टरों ने बदला इलाज का तरीका

- साल के पहले महीने में तीसरी लहर का प्रकोप और मौसम की मार - ओपीडी में सर्दी, खांसी, बुखार का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की भी हो रही सैंपलिंग

2 min read
Google source verification
corona.jpeg

corona

नागदा। साल का पहला महीना बीमारियों से भरा रहा। कोरोना का कहर ऊपर से मौसम की मार ने हर किसी को बीमार कर दिया। हालात ऐसे बन गए हैं कि मौसम परिवर्तन के कारण सामान्य वायरल फीवर में जो लक्षण मरीज में मिल रहे हैं। वहीं कोविड में भी मिल रहे है। वायरल फीवर और कोरोना के एक जैसे लक्षण की वजह से मरीज यह नहीं समझ पा रहा है कि उसे हुआ क्या है। बीमारी की दोहरी मार की वजह से अब डॉक्टरों ने भी इलाज का तरीका बदल दिया है।

सरकारी अस्पताल में कोविड के लक्ष्ण वाले मरीजों के अलावा यहां सर्दी, खांसी, वायल फीवर का इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों की भी कोरोनाकी आशंका में सैंपलिंग ली जा रही है। जिसमें भी कई मरीज कोरोना के निकल रहे है। बीमारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पताल संचालकों को भी हिदायत दी है कि उनके यहां सर्दी, खांसी बुखार का ऐसा मरीज पहुंच रहा है। जिसमें उन्हें कोरोना के लक्षण भी नजर आ रहे है। तो उसे सैंपलिंग के लिए सरकारी अस्पताल जरूर पहुंचाएं। वहीं मरीज भी इस बात का ध्यान रखें कि लैब में कोरोना टेस्ट बंद हो चुके है। अगर कोई लैब संचालक कोविड टेस्ट करता है तो इसकी सूचना विभाग को जरुर दें।

हर दिन 135 मरीज में ओपीडी में पहुंच रहे, इसमें से 70 से 80 के सैंपल ले रहे हैं

बीते चार दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकारी अस्पताल में 500 से ज्यादा मरीज सर्दी, खांसी, बुखार के इलाज कराने पहुंचे है। यानी औसत लगभग 135 मरीज हर रोज ओपीडी में दर्ज किए जा रहे हैं। इसमें बच्चों से लेकर युवा वृद्ध सभी शामिल है। इसमें लगभग 70 से 80 मरीजों की सैंपलिंग ली जा रही है। जिसमें से 4 से 5 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव भी आ रही है। दूसरी तरफकोरोना के लक्ष्ण वाले मरीजों की संपलिंग हो रही वो अलग ही है। इधर अनुभाग में कोरोना मरीजों की बात करें तो चार दिन में हमारे यहां 59 मरीज सामने आएं है। शुक्रवार को जारी हुई बुलेटिन में 19 लोगों में कौराना की पुष्टि हुई है। इनमें 14 नागदा शहर व 5 ग्रामीण के है। इसी के साथ वर्तमान में एक्टिव केस 99 के करीब है।


प्रशासन ध्यान दें, 19 फरवरी तक लगातार शादियां है, बाहर से आने वालों की सैंपलिंग कराएं

शादियों का सीजन चल रहा है। ज्योतिषों के अनुसार 19 फरवरी तक विवाह समारोह के लगातार मुहूर्त हैं। इसके बाद मल मास लगने से 15 अप्रैल तक मांगलिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। लगातार शादी समारोह के चलते क्षेत्र में दूसरे शहरों से बारातें भी आएगी। ऐसे स्थिति में प्रशासन को ज्यादा सख्त होने की जरूरत है। शादी समारोह की मॉनिटरिंग करने के साथ बाहर से आने वालों को सैंपलिंग ली जाए। इसके अलावा इन लोगों के टीकाकरण भी सुनिश्चित किए जाएं।

Story Loader