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जिंदगी पर ऊर्जा का संकट… स्मार्ट विलेज की बिजली काटी, तीन दिन से व्यापार ठप, पानी की सप्लाई रुकी

तीन गांव में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने आना पड़ रहा है शहर

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नागदा. बिजली कंपनी के एक नियम ने स्मार्ट विलेज भगतपुरी के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। यहां तीन दिन से बिजली सप्लाई नहीं की जा रही, इससे लोगों का व्यापार ठप हो गया। साथ ही बिजली के बिना पेयजल की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है। यही नहीं, लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए भी शहर आना पड़ रहा है। दरअसल पूरे गांव पर बिजली कंपनी का 7 लाख 50 हजार रुपे बिजली बिल बकाया है, इस कारण कंपनी ने यहां की बिजली काट दी। तीन दिन भगतपुरी गांव में मानो जिंदगी से ऊर्जा ही चली गई। लोग परेशान हैं, खासकर वे लोग जो हर माह नियमित रूप से बिजली बिल भरते हैं। अब कंपनी कह रही है कि 20 प्रतिशत राशि जमा करो तभी बिजली सप्लाई चालू की जाएगी।
स्मार्ट विलेज भगतपुरी में गत तीन से अंधेरा पसरा हुआ है। इससे यहां पानी का संकट भी उत्पन्न हो गया है। पूरे गांव पर बिजली कंपनी का बकाया होने के कारण पूरे गांव की ही बिजली काट दी गई। इससे वे लोग भी प्रभावित हो गए जो समय पर बिल भरते हैं। बता दें कि गांव भगतपुरी को शासन ने स्मार्ट विलेज में शामिल किया है।
बिजली कंपनी ने डीपी ही निकाल दी
शहर से लगभग 1 किमी दूर स्टेट हाइवे पर गांव भगतपुरी में गत तीन दिन से बिजली नहीं है। गांव में लगी विद्युत डीपी तीन दिन पूर्व जल गई। बुधवार को विद्युत वितरण कंपनी ने डीपी ही निकाल ली। गांव के आधे हिस्से की बिजली गुल हो गई। इसमें स्टेट हाइवे से लगे मकान व स्कूल के आसपास के गांव शामिल है।
गांव में 125 कनेक्शन
विद्युत वितरण कंपनी ने गांव में लगभग १२५ कनेक्शन वितरण कर रखे है। इन उपभोक्ताओं पर विद्युत कंपनी के ७ लाख ५० हजार रु बकाया है। यह राशि लगभग 2 से 3 वर्ष से बाकि है। राशि बकाया होने पर बिजली कंपनी ने गांव की बिजली काट दी। जिससे गांव के वो उपभोक्ता भी शामिल है जो समय पर बिजली का बिल भरते है। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लगभग
20 है।
आर्थिक संकट पैदा हो रहा है
गांव में तीन दिन से बिजली गुल होने से लगभग दो दर्जन युवाओं पर बेराजगारी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग एक दर्जन परिवार के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। यह वे लोग है जो स्टेट हाइवे पर रेस्टोरेंट, या दुकान लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे है। इनमें एक पांचाल परिवार भी है। गांव में राजू पांचाल व उनका भाई लकड़ी के फनीर्चर का कार्य करते है, लेकिन तीन दिन से बिजली नहीं होने से व्यापार बंद हो गया। जबकि इन के द्वारा दो दिन पूर्व ही लगभग ३५०० रु बिजली का बिल जमा किया गया। इन्होने तीन बत्ती कनेक्शन ले रखा है। गांव में बिजली नहीं होने से गांव के लोगों को मोबाइल का चार्ज करने के लिए नागदा आना पड़ रहा है।
क्या है बिजली कंपनी के नियम
जब से प्रदेश में २४ घंटे बिजली मिलना प्रारंभ हुई है। तब से बिजली कंपनी ने नया नियम बनाया है कि जिस डिपी पर जितने उपभोक्ता है। उनमें से लगभग ४० प्रतिशत उपभोक्ता या बकाया राशि का २० प्रतिशत जमा होगा तो ही बिजली सप्लाय प्रारंभ रहेगा। यदि २० प्रतिशत से कम राशि जमा होती है तो पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाएगी।
तीन गांवों में पानी नहीं
गांव भगतपुरी में बिजली नहीं होने से तीन गांव की पेयजल व्यवस्था पर असर पड़ा है। इनमें गांव भगतपुरी, परमारखेड़ी व किलोडिया शामिल है। यह तीनों एक ही पंचायत परमारखेडी में शामिल है। भगतपुरी में एक पानी की टंकी है। इससे तीनों गांव के लोग पानी भरते है, लेकिन बिजली नहीं होने से विद्युत मोटर भी नहीं चल पा रही है। नतीजन पानी की टंकी भी खाली पड़ी है। हालांकि ग्रेसिम उद्योग द्वारा गांव परमारखेडी में प्रतिदिन चार पानी के टेंकर सप्लाय कर रहा है।
&गांव भगतपुरी में बिजली कंपनी का करीब ७ लाख ५० हजार रु बकाया है। नियम के तहत जब तक २० प्रतिशत राशि लगभग १ लाख ४० हजार रु जमा नहीं करते तब तक बिजली चालू नहीं की जाएगी।
सोमनाथ मरखंम,
संभागीय अभियंता, बिजली कंपनी, नागदा