
अबूझमाड़ में बदलाव की नई इबारत (photo source- Patrika)
CG News: कभी नक्सलियों का गढ़ और ‘‘लाल गलियारे’’ का केंद्र माने जाने वाला अबूझमाड़ क्षेत्र वर्ष 2025 में ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना। दशकों तक भय और ङ्क्षहसा में जकड़े इस दुर्गम इलाके में 2025 न केवल नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक वर्ष साबित हुआ, बल्कि शांति, सुरक्षा और विकास की नई शुरुआत भी लेकर आया।
नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों की सशक्त रणनीति के तहत वर्ष 2025 में नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा। इस दौरान 43 हार्डकोर नक्सली मारे गए, जबकि 298 नक्सलियों ने हथियार सहित आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
वहीं 78 नक्सलियों की गिरफ्तारी से संगठनात्मक ढांचा कमजोर हुआ। सुरक्षा और विकास के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीणों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और नक्सलियों का भय टूटता नजर आ रहा है। कुल मिलाकर, वर्ष 2025 अबूझमाड़ के लिए परिवर्तन, शांति और उम्मीद का प्रतीक बनकर उभरा है।
CG News: अबूझमाड़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में 27 नए पुलिस बेस कैंप स्थापित किए गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। साथ ही सडक़ों के निर्माण और नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और रोजगार जैसी सुविधाएं गांवों तक पहुंचने लगी हैं।
Published on:
01 Jan 2026 12:53 pm
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