
CG Naxal Terror : जिले का अबुझमाड़ क्षेत्र पहुँचविहीन होने के चलते विकास से कोसो दूर है। इस क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थिति का फायदा उठाने में नक्सली कोई कसर नहीं छोड़ते है। इससे अबुझमाड़ इलाके में नक्सली अपनी समांतर सरकार चलाते है। इससे अबुझमाड़ इलाके में नक्सलियों को घेरने के लिए पुलिस ने कारगर कदम उठाया है।
पुलिस ने नक्सलियों की अघोषित राजधानी में कैम्प का संचालन शुरू किया है। इसमे पुलिस ने कोड़ोली उर्फ कस्तूरमेटा में सुरक्षा बल सयुंक्त कैम्प स्थापित किया है। इस कैम्प का संचालन शुरू होने से अबुझमाड़ इलाके के विकास में तेजी आएंगी। जानकारी के अनुसार अबुझमाड़ इलाके में 80 के दशक में नक्सलियों ने अपनी पैठ मजबूत कर ली थी। इस लिए नक्सली संगठन अबुझमाड़ इलाके में माड़ डिवीजन का संचालन करता है।
अबुझमाड़ इलाके में सड़क,पुल-पुलिया अभाव होने के चलते 80 फीसदी क्षेत्र पहुँचविहीन बना हुआ है। इस लिए अबुझमाड़ इलाके में लाल लड़ाके अपनी गतिविधियों को आसानी से संचालित करते है। इससे अबुझमाड़ इलाके में नक्सलियों को बैकफुट धकेलने के लिए पुलिस ने कारगर कदम उठाया है। इसमे पुलिस ने जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर कोड़ोली उर्फ कस्तूरमेटा में1 मार्च को नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी 53 वीं वाहिनी के द्वारा नवीन कैम्प खोला गया है।
कुकड़ाझोर थाना क्षेत्र के कस्तुरमेटा में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कस्तुरमेटा में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास के क्षेत्र में सड़क, पानी, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार एवं नक्सल उन्मूलन अभियान में तेजी आयेगी।
सरकार की ’’नियद नेल्ला नार’’ योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार के सभी योजनाओं को प्राथमिकता में आस पास के पांच गांव तक पहुंचाया जाएगा। एसपी प्रभात कुमार एवं रॉबिन्सन गुरिया ने स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर कैम्प खोला गया है। नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर डीआरजी, बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी 53वीं वाहिनी की भूमिका रही है।
अबुझमाड़ पर एक नजर
अबुझमाड़ इलाका 4 हजार वर्ग किमी में फैला हुआ है। इस इलाका का नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा जिले के अंतर्गत आता है। इसके साथ ही अबुझमाड़ इलाका महाराष्ट्र, तेलंगाना की सीमा से लगा हुआ है। नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ इलाके में ओरछा, कोहकामेटा, सोनपुर, कुरुषणार, कुकड़ाझोर थाना का संचालन होता है। वही अबूझमाड़ इलाके में आकाबेडा, कस्तूरमेटा, ढोंढरिबेड़ा, बासिंग में कैम्प का संचालन होता है। इस तरह नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ इलाके में नक्सलियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस कारगर कदम उठाकर सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है।
अबुझमाड़ के विकास में आएंगी तेजी
इस माड़ डिवीजन के अंतर्गत इंद्रावती, नेलनार एवं कुतुल एरिया कमेटी कार्य करती है। वही एरिया के कमेटी के अंतर्गत 8 एलओएस एव 2 एलजीएस आती है। इस तरह नक्सली संगठन अबुझमाड़ इलाके में अपनी समांतर सरकार चलाकर अपनी गतिविधियों का संचालन करते है। अबुझमाड़ इलाका विषम भौगोलिक परिस्थिति के अनरूप होने के चलते नक्सलियों का सेफ जोन माना जाता है।
Published on:
04 Mar 2024 01:51 pm
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