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बांस कला से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर, लोगों में बढ़ रही डिमांड

सरस मेला, व्यापार मेला तथा बड़े-बड़े शहरों में आयोजित होने वाली व्यापारिक आयोजनों में भेजा जा रहा है।

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बांस कला से महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर, लोगों में बढ़ रही डिमांड

दंतेवाड़ा. आदिवासी महिला स्व सहायता समूह कुम्हाररास के द्वारा बांस कला के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। जिसमें समूह के 10 महिला सदस्य हैं। व उनके परिवार के सदस्यों भी पूरा सहयोग कर रहे हैं। साथ ही प्रशासन स्तर पर जनपद एनआरएलएम की तरफ से उन्हें सरस मेला, व्यापार मेला तथा बड़े-बड़े शहरों में आयोजित होने वाली व्यापारिक आयोजनों में भेजा जा रहा है।

जिससे समूह के सदस्यों को अभी तक प्रत्येक माह में तीन से चार हजार की आमदनी हो जाती है। पत्रिका से चर्चा के दौरान महिला अध्यक्ष के पति रमेश ने बताया की सदस्यों द्वारा बांस कला का प्रशिक्षण नारायणपुर जिले के कास्ट कलाकारों द्वारा दिया गया है। परिणाम स्वरूप आज समिति अपने काम को सुचारू रूप से कर रही है।

साथ ही कला को वृहद स्तर पर करने के लिए एनआरएलएम ने समिति गठित कर बैंक में खाता खुलवा दिया है। इसके साथ ही नए समूह को प्राप्त होने वाली रकम अग्रिम राशि आने वाली है। तब पूर्ण सहयोग प्रशासन की ओर से किया जाने के लिए आश्वासन भी दिया गया है।