
एंबुलेंस 108 ने की 914 घायलों की मदद, पहुंचाया अस्पताल बचाई जान
narmdapura नर्मदापुरम. जिले में इमरजेंसी 108 एंबुलेंस वाहन ने बीते सात माह में सड़क दुर्घटनाओं में घायल 914 व्यक्तियों को मौके से उठाकर मेडिकल अस्पतालों तक पहुंचाकर उनकी जानें बचाई है। बीते मई माह से लेकर नवंबर माह तक की अवधि में कुल 662 कॉल अटेंड किए। बीते नवंबर माह में सबसे ज्यादा 149 वाहन चालक घायल हुए थे। जिले में यह इमरजेंसी स्पेशल वाहन 17 हैं। इसमें 4 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) और 13 बैसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस सहित 18 जननी एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इन स्पेशल वाहनों में सड़क दुर्घटना में घायल, गंभीर घायलों को घटना स्थल से अस्पताल तक पहुंचाने के बीच के महत्वपूर्ण समय में जान को बचाने के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ वेंटिलेटर, डिफिब्रीलेटर सह कॉर्डियक मॉनीटिर, सेंट्रल वेन कैथेटन अन्य विशेष उपकरण रहते हैं। यह एंबुलेंस वाहन चलित गहन चिकित्सा इकाई के रूप में काम करते हैं। 108 एंबुलेंस के डॉक्टर, तकनीशियनों की सलाह है कि वाहन चलाते समय हैलमेट-सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। इससे एक्सीडेंट के दौरान सिर की चोट के बचने से जान बच जाती है।
केस एक: 20 लोगों को अस्पताल पहुंचाया
-बीते दिनों 108 एंबुलेंस ने जिले के इटारसी शहर में टोल प्लाजा के पास रेत के डंपर और बस के बीच हुई टक्कर में में घायल हुए 18-20 लोगों को उक्त वाहन ने जननी एक्सप्रेस के साथ मिलकर इटारसी सरकारी अस्पताल पहुंचाया था, जिससे घायलों को त्वरित उपचार मिल सका।
केस दो: रेलवे टै्रक पर गिरने युवक की मदद
-नर्मदापुरम शहर के ग्वालटोली के पास के रेलवे टे्रक पर गिरे अज्ञात युवक जो गंभीर रूप से घायल हो गया था, उसे पैदल कई मील चलकर स्टै्रचर पर उठाकर एंबुलेंस तक लाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया था।
ये हुए थे सड़क दुर्घटना में घायल
माह - घायल की संख्या
मई : 79
जून : 104
जुलाई: 71
अगस्त: 67
सितंबर: 91
अक्टूबर: 149
नवंबर : 149
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टोटल : 914
किस थानांतर्गत कितने केस अटेंड
थाना क्षेत्र- संख्या
कोतवाली : 20
बनखेड़ी : 28
माखननगर: 15
पिपरिया : 109
सोहागपुर : 96
सिवनीमालवा: 23
सुखतवा : 66
इटारसी : 142
पचमढ़ी : 49
डोलरिया : 10
केसला : 28
बागरातवा : 3
पथरौटा : 22
सांडिया : 2
शिवपुर : 3
उमरधा : 9
नर्मदापुरम: 37
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टोटल : 662
इनका कहना है...
प्रदेश के 52 जिलों में कुल 2000 से अधिक गाडिय़ां घायल-बीमारों की जिंदगी को बचाने के लिए लगी हुई हैं। इसमें नर्मदापुरम जिले में कुल 17 108 एलवीएस, बीएलएस सहित 18 जननी एक्सप्रेस संचालित होती हैं। एक्सीडेंट में ज्यादातर सिर में गंभीर चोट आती है। हादसे के एक घंटे के अंदर अगर मरीज को इलाज मिल जाता है तो उसकी जान बच जाती है, लेट होने पर खतरा रहता है। समय सूचना से त्वरित मदद दी जाती है। गाड़ी चलाते समय हैलमेट व सीट बैल्ट अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए।
-तरूण सिंह परिहार, सीनियर मैनेजर, मप्र 108 एंबुलेंस सेवा
Published on:
20 Dec 2022 11:21 am

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