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Sand Mines : सोना उगलती हैं ये रेत कि 118 खदानें, फिर भी 92 करोड़ रुपए कम में नीलाम

भवन निर्माण में उपयोग होने वाली रेत इतनी महंगी हो गई है कि इनकी खदानों को सोने की खदानें कहा जाने लगा है। हालही रेत की 118 खदानें नीलाम हुई हैं।

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प्रदेश में लगातार हो रहे निर्माण कार्य के कारण रेत की डिमांड भी हर साल बढ़ती जा रही है, यही कारण है कि रेत के दाम भी उसी अनुपात में बढ़ते जा रहे हैं। रेत के दाम आसमान छूने के कारण वह भी अब तौल के अनुसार ही बिकती है, ऐसे में रेत की खदानों को भी सोने की खदानों से कम नहीं आंका जाता है, रेत की 118 खदानें इस बार पहले से कम दाम में नीलाम हुई है। जिनसे ठेकेदार जमकर रेत निकालेंगे। आईये जानते हैं कहां है ये खदानें।

मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में रेत की 118 खदानें नीलाम हुई हैं, ये खदाने पहले की अपेक्षा करीब 92 करोड़ रुपए कम में नीलाम हुई हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस बार ठेकेदारों को इन खदानों से पहले से अधिक लाभ होगा।

नर्मदापुरम जिले की साढ़े तीन साल से बंद पड़ी कुल 118 रेत की वैध खदानों के ठेके हो गए हैं। पिछली ठेका कंपनी आरकेसीटी चल गई। उसकी जगह दूसरी कंपनियां अब इन खदानों का संचालन करेगी। चूंकि अभी बारिशकाल में एनजीटी की रोक लगी हुई है, रोक के हटते ही ठेका कंपनी अपने कर्मचारियों को यहां तैनात व कार्यालय खोलकर खदानों को चलाएगी। नीलामी ठेके में धनलक्ष्मी, सिल्वर मिस्ट रिटेल, बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर, रिद्धी-सिद्धी हाउसिंग, ईयूपोहरिया माइंस, पॉवर मैक, शर्मा एसोसिएटस, परम एजेंसी, आरएसआई स्टोन, राघवेंद्र सिंह, यूरेका माइंस ने भाग लिया। इसमें नर्मदापुरम को तीन तहसील में बांटा गया था। जिसमें नर्मदापुरम-वन का ठेका सिल्वर मिस्ट, टू का पावरमैक एवं थ्री का शिवा कार्पोरेशन (राघवेंद्र सिंह) को मिला है। पिछली बार आरकेटीसी कंपनी ने 262 करोड़ में ये ठेका लिया था। इस बार तीनों कंपनी को मिलाकर देखें तो ये ठेके 170 करोड़ कम में गए हैं। 92 करोड़ की कमी आई है। यानी सरकारी ठेके इतनी राशि के कम में गए हैं। पिछली बार सालभर की रायल्टी 60 लाख घनमीटर थी। इस बार भी लगभग इतनी ही रहेगी।

इन खदानों में शुरू होगा खनन-परिवहन

खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले के पिपरिया तहसील की सिघौंड़ी, सर्राकिशोर, बूचाल, बनखेड़ी की बेदर, मुर्गीढाना, खापाखुर्द, बहरावन, मालनवाड़ा-1 एवं 2, परसवाड़ा, अन्होई, डूम, इमलिया, उमरधा, पिपरियाराजा-1, सोहागपुर की रेवामुहारी, रेवा बनखेड़ी, इटारसी की मरोड़ा-1 एवं 2, कासदारैयतवाड़ी, पाहनवर्री, ग्वाड़ीकला1 एवं 2, माखननगर की रजौन-1, 2, 3, 4 सांगाखेड़ा खुर्द, बालाभेंट-1 एवं 2, चपलासर-1, झालसर सेठ-1, जावली, सांगाखेड़ाकला, पीलीकरार, पवारखेड़ाखुर्द-2, 3, 4, डूडीयाघाट, कीरपुरा, आमखेड़ी, सिवनीमालवा की रामगढ़-1,2, डेठी-2, गूरंजघाट, बाबरी-1, 2, ग्वाड़ी-1, 2, कोठरा, डिमावर, डिमावर-1, नर्मदा पुरम की जासलपुर-1, निमसाडिय़ा-2, 1, 3,4,मेहराघाट, एवं मेहराघाट-9होरियापीपर, डोंगरवाड़ा, बांद्राभान-4, 5, 6, 7, 11, 12, 13, 14, 15, 16, रायपुर21, 22, 23,24, 26, जासलपुर-1 आदि खदानें शामिल हैं।