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आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन

मुख्यबाजार हलवाई चौक पर जलाए दो बार पुतले, पुलिस ने पानी डालकर बुझाए

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आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन

आदिवासियों पर अत्याचार के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन

नर्मदापुरम. शहर के मुख्य बाजार हलवाई चौक-जयस्तंभ पर शुक्रवार शाम को अफरा-तफरी का माहौल। आदिवासियों के साथ हो रहे अत्याचार के विरोध मे नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जयस्तंभ से लेकर पान बाजार के सामने तक पुलिस कांग्रेसियों के पीछे दौड़ती रही। लेकिन कांग्रेसियों ने चकमा देकर दो बार सरकार के पुतले जला दिए, जिसे पानी डालकर पुलिस ने बुझा दिए। दर असल यह प्रदर्शन महू में आदिवासी बच्ची के गैंगरेप के बाद हत्या और पुलिस हमले में आदिवासी युवा भेरूलाल की हत्या के विरोध में किया गया था। कांग्रेसियों का कहना था पुतला मुख्यमंत्री का जलाया गया है। जयस्तंभ चौक पर कांग्रेसियों ने दो मिनट का मौन कर शोक भी जताया।

प्रदर्शन में शामिल प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता शिवराज चंद्रोल ने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासियों के शोषण और अत्याचार पर मौन है। एक ओर जहां लाड़ली बहना योजना का ढोल पीटा जा रहा है, वहीं बालिकाओं से बलात्कार और हत्या के मामले बढ़ रहे। महू में आदिवासियों के अत्याचार को छुपाने के लिए सरकार पीडि़त पक्ष को ही आरोपी बना रही है। इससे पहले भी मप्र में नीमच, लटेरी विदिशा, सिवनी, गुना में आदिवासियों के विरुद्ध घटनाए हुई है, लेकिन सरकार मौन है, जो कि बेहद निंदनीय है । प्रदर्शन में मुख्य रूप से रोहन जैन, अजय सैनी, फैजान उलहक, राकेश रघुवंशी, अनोखे राजोरिया, भूपेश थापक, मेहमूद खान, विक्की आर्य, सत्यम तिवारी, आफरीद खान, शिवम सैनी, अभय सैनी, राम राठौर, सार्थक जैन, इशान गुप्ता, गौरव गोलानी, गगन गोलानी, वसीम खान, राजू मालवी, कैलाश यादव, दीपक मांझी आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।


सफाई कर लगाने के विरोध में नपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा

नर्मदापुरम. नगर में पूर्व नगर पालिका प्रशासन ने संपत्तिकर को दुगना कर जनता के साथ उचित नहीं किया था। इसके उपरांत भी वर्तमान नगर पालिका परिषद ने जनता पर फिर से सफाई टैक्स प्रस्तावित कर आर्थिक भार लगाया है, जो कि अनुचित है। क्योंकि संपत्ति कर में वह सभी चीज सम्मिलित है, जो जनता के सुविधा के लिए मुकर्रर की गई है। सफाई कर बढ़ाने के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रीय एकता मंच ने नपाध्यक्ष नीतू यादव को ज्ञापन सौंपा। इसमें इस कर को कम करने एवं वापस लेने की मांग की गई। मंच के जिलाध्यक्ष अरुण दीक्षित ने बताया कि वैसे ही टैक्स के भार आमजनता पर ज्यादा है, इसके बाद भी सफाई जैसे स्वच्छता अभियान से जुड़े कार्य में टैक्स लगाना कहीं से भी उचित नहीं है। इसके अलावा शहर की अन्य मूलभूत समस्याओं से भी नपाध्यक्ष को अवगत कराते हुए इनके जल्द निराकरण की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से संस्था के संरक्षक केएस राजपूत, अशोक दिबौलिया, मोहम्मद आदिल फ़ाज़ली, केके शर्मा, भागचंद बरगले, प्रदीप द्विवेदी, रामेश्वर पटेल, रमेश गोप्लानी, संजय दुबे, अशोक द्विवेदी, आशीष तिवारी, सुभाष मालवी, एस विसारिया, गोविंद नीले, रामचरण सहित समस्त सदस्य शामिल रहे।