
जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद: कॉलोनाइजर के पुत्र पर हमला
narmdapuram नर्मदापुरम. कुलामढ़ी में कॉलोनी काट रहे बिल्डर्स एवं सड़क ठेकेदार-गार्डन संचालक के बीच जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद बढ़ गया है। नौबत मारपीट तक जा पहुंची। इस मामले में मंगलमय विलास परिसर के संचालक कॉलोनाइजर राजेंद्र पचौरी ने तारअहाता निवासी गोविंद राय पर आपराधिक-असामाजिक तत्वों को लाकर उनके पुत्र पर फावड़े से जानलेवा हमला करने एवं कब्जा दिलाने के दौरान शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत देहात थाना के बाद बुधवार को एसपी डॉ. गुरुकरण सिंह से भी की है। इसमें शासन के आदेश की अवहेलना कर पुन: अतिक्रमण करने पर प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। इधर, सड़क ठेकेदार गोविंद राय ने ऐसी किसी घटना से इंकार करते हुए उक्त विवादित जमीन को खुद की बताया है।
ये की है शिकायत
कॉलोनाइजर राजेंद्र पचौरी निवासी कुलामढ़ी ने एसपी से की शिकायत में बताया कि कुलामढ़ी में उसकी खसरा नंबर 137/3 की रकबा 0.366 हैक्टेयर अर्थात 0.90 एकड़ जमीन है। इस पर गोविंद राय ने जबरन दो ट्रक, एक डंपर तथा टीन का टप रखकर अतिक्रमण किया है। जबकि कमिश्नर, कलेक्टर व एसडीएम की जांच के उपरांत 26 अक्टूबर 2022 को आदेश पारित कर तहसीलदार ग्रामीण को भूमि पर से अतिक्रमण को हटवाने व कब्जे दिलाने निर्देशित किया था। जिसके परिपालन में नायब तहसीलदार ने थाना प्रभारी देहात को 18 नवंबर को पत्र भेजा। 22 नवंबर को दोपहर में एक बजे राजस्व-पुलिस टीम ने मौजूदा अतिक्रमण को हटाया। इसी बीच अतिक्रमणकर्ता गोविंद राय अपने साथियों को लेकर डंपर लेकर चार पहिया वाहन से पहुंचा और फावड़े से पुत्र पर हमला कर मारपीट की। पुलिस ने बीच-बचाव किया। मुझे व पुत्र को जान बचाकर भागना पड़ा। जिसकी रिपोर्ट भी देहात थाना में की है।
घटनाक्रम का वीडियो भी हुआ वायरल
सड़क ठेकेदार-गार्डन संचालक गोविंद राय एवं कॉलोनाइजर के बीच हुए विवाद, मारपीट का वाकया सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुआ, वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कालोनाइजर राजेंद्र पचौरी का आरोप है कि उसके बेटे के साथ हुई मारपीट की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है। इस वजह से उसके परिवार पर जान का खतरा है।
एसडीएम के आदेश के परिपालन में टीम गठित कर आरआई-पटवारी को पर उक्त जमीन के मौके पर पहुंचाया गया था। वहां जो अतिक्रमण-अवैध कब्जा था उसे हटवा दिया था। शिकायतकर्ता राजेंद्र पचौरी ने फिर से अतिक्रमण कर लेने की शिकायत की है। जांच कर जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-राम झरवड़े नायब तहसीलदार, ग्रामीण नर्मदापुरम।
मेरे भाई देवेंद्र राय का अतिक्रमण बताकर भूमि खाली कराने की कोशिश की गई है, वह विवाद का कारण चकबंदी के दौरान खसरे बदलाना है। हमने 1994 में जब उक्त भूखंड खरीदा था तो उसका खसरा नंबर 50/5 था जिसमें से एक एकड़ जमीन क्रय की गई और जिसका डायवर्सन भी जुलाई 2000 में एसडीएम ने किया था। परंतु चकबंदी के दौरान खसरा नक्शा में देवेंद्र राय का नाम अंकित न हो पाने के कारण पूर्व भूमि स्वामी ने उक्त भूमि अन्यत्र को बेच दी। जिसे बाद में 2020 में राजेंद्र पचौरी ने खरीद ली। बाउंड्री बाल बनाना चाहते थे सिविल कोर्ट से एक अन्य आवेदक राकेश शर्मा ने स्थगन आदेश लिया था। जिसमें भूखंड की यथा स्थिति के आदेश न्यायालय ने जारी किए थे,परंतु वर्तमान में राजेंद्र पचौरी एसडीएम से आदेश कराकर अतिक्रमण हटाने को लेकर नया विवाद खड़ा किया है। अतिक्रमण हटाने धारा 248/250 की कार्यवाही न करते हुए बिना उनको सूचना या नोटिस दिए सीधे कार्यवाही किया जाना न्यायसंगत नहीं है। कलेक्टर को समस्त दतावेज प्रस्तुत कर न्यायोचित कार्यवाही की मांग की है।
-गोविंद राय, दूसरा पक्ष
Published on:
24 Nov 2022 11:48 am
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