
नर्मदा नगरी के बाजार में हो पार्किंग तो दस गुना बढ़ जाएगा कारोबार
नर्मदापुरम. धार्मिक-पर्यटन नगरी के बाजार में पार्किंग की सुविधाएं ही नहीं है। इसलिए रसूलिया, हाऊसिंग बोर्ड, मालाखेड़ी-रायपुर जैसे दूरस्थ इलाकों से मुख्य मार्केट में कम लोग खरीददारी करने आते हैं, क्योंकि बाइक-स्कूटी और कार को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से खड़े करने के लिए जगह ही नहीं मिलती। मजबूरन लोग भोपाल चले जाते हैं। कारोबार पिछड़ रहा है। अगर शहर के बाजार व इसके आसपास ही पेड पार्किंग भी हो जाए तो पहले की तुलना में कारोबार में दस गुना की बढ़ोतरी हो सकती है। व्यापारियों एवं इनसे जुड़े महासंघ की भी मांग लंबे समय से चली आ रही है। बता दें कि सवा लाख से ऊपर की आबादी वाले इस शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र की सड़कों पर करीब 10 से 15 हजार दोपहिया व कार वाहन आवागमन करते हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षित जगह अपने वाहनों को खड़े करने की जगह ही नहीं मिलती। मजबूरन दुकानों के सामने सड़क किनारे खड़े किए जाने से जाम की स्थितियां बनती रहती है।
इन बाजार स्थलों में होती है दिक्कतें
शहर के बाजार के सतरस्ता से लेकर अमर चौक-जयस्तंभ चौक, हलवाई चौक से इंदिरा चौक और सराफा बाजार तक, यहां से सेठानीघाट तक, हलवाई चौक से तारअहाता तक, जयस्तंभ चौक से अमर चौक तक, इंदिरा चौक से मौरछली चौक, सराफा चौक से कसेरा बाजार, मौरछली चौक से एकता चौक तक एवं गांधी चौक से जिला अस्पताल वाली रोड के किनारे आसपास पार्किंग जोन नहीं है। इस वजह से सड़कों पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। बैंकों-दुकानों के सामने जाम के हालात बन जाते हैं।
नपा के पार्किंग जोन पर अतिक्रमण-गंदगी
ऐसा भी नहीं है कि नगरपालिका ने शहर में पार्किंग नहीं बनवाए, बल्कि इन्हें पेड पार्किंग के रूप में भी करने योजना बनाई, लेकिन सेठानीघाट पार्किंग को छोड़कर इतवारा बाजार में भाग्य श्री होटल के पास, सतरस्ता पर पुराने काली मंदिर के सामने, सेठ गुरुप्रसाद स्कूल के मैदान, सुभाष चौक पर होली चौक तरफ की रोड व व्दारिकाधीश मंदिर के पास की पार्किंग पर अवैध अतिक्रमण-कब्जे और कचरा-गंदगी से यह सुविधा ही वाहन चालकों को नहीं मिल पा रही।
व्यापारी महासंघ बोला-
देखिए पूरे बाजार में ही कहीं व्यवस्थित और सुरक्षित पार्किंग जोन नहीं है। मजबूरन लोगों को खरीददारी करते समय दुकानों के सामने सड़क किनारे ही वाहनों को खड़े करना पड़ता। कार वाहन के लिए तो बहुत ज्यादा दिक्कतें हैं। अगर बाजार इलाके में ही पार्किंग सुविधा हो जाए तो कारोबार में दस गुना बढ़ोतरी हो जाएगी। कारोबार के पिछडऩे का बड़ी वजह यही है। मजबूरन लोग खरीददारी करने भोपाल भी चले जाते हैं। हम नगर प्रशासन से इस बारे में जल्द ही चर्चा करेंगे।
-राजकुमार खंडेलवाल, अध्यक्ष व्यापारी महासंघ नर्मदापुरम।
जिम्मेदारों का कहना है...
जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशन में एसडीएम-तहसीलदार सहित टे्रपिक डीएसपी के साथ संयुक्त बैठक कर जल्द ही बाजार इलाके में सुव्यवस्थित पार्किंग जोन के लिए जगह चिन्हित की जाएगी, ताकि धनतेरस-दिवाली के पर्व के दौरान होने वाली खरीददारी और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित कर जाम की स्थितियां न बने। हमारे जो पुराने पार्किंग जोन हैं, उनकी सफाई कराकर पेड पार्किंग के रूप में शुरू कराया जाएगा।
-विनोद कुमार शुक्ला, सीएमओ नगरपालिका परिषद नर्मदापुरम।
बाजार इलाके में वाहनों को सुरक्षित खड़े कराने के लिए जल्द ही नगरपालिका सीएमओ को पत्र भेजा जा रहा है। मैं स्वयं भी बाजार क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दूंगी। धनतेरस-दिवाली के बाजार को व्यवस्थित ढंग से लगवाया जाएगा, ताकि वाहन भी आसानी से निकल सके और जाम की स्थिति न बने।
-मोहिनी शर्मा, एसडीएम नर्मदापुरम।
बाजार के मार्गों पर पर्वों के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कतें वाहनों की आवाजाही से ही उत्पन्न होती है। नगरपालिका-प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा कर अस्थाई तौर पर दशहरा-दिवाली के लिए वाहन पार्किंग स्थल बनवाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
-संतोष मिश्रा, डीएसपी टै्रफिक नर्मदापुरम।
Published on:
12 Oct 2022 09:19 pm

