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मोहासा में 1678 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र तैयार, कारखानों को मिलेगी भूमि

स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की शर्त पर मिलेगी जमीन

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मोहासा में 1678 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र तैयार, कारखानों को मिलेगी भूमि

मोहासा में 1678 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र तैयार, कारखानों को मिलेगी भूमि

नर्मदापुरम. कोरोना काल में सरकार ने मोहासा औद्योगिक क्षेत्र को मेडिकल ड्रग और डिवाइज कारखानों के लिए आरक्षित कर दिया था। अब यह आरक्षण हट गया है। इसके बाद मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम यहां टैक्सटाइल्स, फूड प्रोसेङ्क्षसग सहित अन्य कारखाने लगाने छोटी-बड़ी कंपनियों को भूमि आवंटन करेगा। इससे यह क्षेत्र औद्योगिक हब बन जाएगा और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। ऐसे में मोहासा में बने औद्योगिक क्षेत्र में कारखाने लगाने देश के बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों के आने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने तवा नदी के पास ग्राम मोहासा में 1678 एकड़ का पूर्ण विकसित औद्योगिक क्षेत्र बनाया है। इसमें कारखाने लगाने के लिए जमीन दी जा रही है।

इसलिए हटाया आरक्षण
हाल ही में सरकार ने उज्जैन में मेडिकल हब बनाने का निर्णय लेकर मोहासा में दूसरे उद्योगों को भूमि आवंटन का निर्णय लिया। इसके बाद से देश के इनडोरामा टेक्सटाइल्स, केमिकल गुप्र, ट्राइडेंट, वर्धमान, भगवती फूड प्रोसेङ्क्षसग जैसी कई बढ़ी कंपनियों ने मोहासा में कारखाना स्थापित करने भूमि लेने में रूची दिखाई है।

मोहासा इसलिए है उद्योगपतियों की पसंद
तवा नदी किनारे और भोपाल पचमढ़ी स्टेट हाईवे से लगे मुहासा औद्योगिक क्षेत्र को एकेवीएन ने पूर्ण रूप से विकसित किया है। यहां कारखानों को सड़क, बिजली पानी सहित सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। परिवहन के लिए यहां से सबकुछ नजदीक है। इसलिए बढ़े उद्योगपतियों को मोहासा पसंद है।

कीरतपुर में भी 529 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र

मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम ने इटारसी के पास कीरतपुर में भी 259 एकड़ भूमि औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया है। यहां अभी तक बीस छोटे बढ़े कारखाने संचालित किए जा रहे हैं। यहां भी उद्योग लगाने भूमि आवंटन जारी है।

इनको उम्मीद...लगभग 30000 पंजीकृत बेरोजगार
रोजगार कार्यालय के अनुसार जिले में लगभग तीस हजार बेरोजगार पंजीकृत हैं। रोजगार मेले में प्राइवेट कंपनियों ने कई बेरोजगारों को रोजगार के अवसर दिए, लेकिन वेतन कम होने के कारण युवा सैकड़ों किमी दूर जाना नहीं चाहते हैं।

इनका कहना है
अभी तक कई बड़ी कंपनियों ने भूमि लेने पूछताछ की है। इंदौर इन्वेस्टर समिट के बाद तय किया जाएगा, भूमि किसे मिलेगी। कारखाने स्थापित होने के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
राजेश तिवारी, मैनेजर मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम भोपाल