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MP Election 2023: मात्र 15 वोट से विधायक बनीं, फिर 27 हजार से हार मिलीं

आसान नहीं होता मतदाता का मन पढऩा, जिसे कम वोट से जिताया अगले चुनाव में भारी मतों से हराया भी

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चुनाव के दौरान मतदाता किसी को भी अर्श से फर्श पर ला सकता है। ऐसा ही हुआ था होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2003 के विधानसभा चुनाव में। 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सविता दीवान शर्मा ने भाजपा के मधुकर राव हर्णे को महज 15 वोट के अंतर से पराजित किया था। इसके बाद 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों ने अपने प्रत्याशी नहीं बदले। एक बार फिर दोनों आमने-सामने हुए। लेकिन इस बार के नतीजों में जमीन आसमान का अंतर रहा। मधुकर राव हर्णे ने सविता दीवान शर्मा को 27897 वोट से हरा दिया था।

पार्टी सूत्रों की मानें तो 1998 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अच्छी पकड़ ने सविता दीवान शर्मा को जीत दिलाई थी। पार्टी नेताओं में उस समय मतभेद कम होना और उनके पिता के सपोर्ट ने उन्हें जीत दिलाई। पार्टी की उपेक्षा के बाद 2023 में सविता दीवान शर्मा ने कांग्रेस को छोडकऱ भाजपा का दामन थाम लिया है।

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कुछ इस तरह है समाज का गणित

होशंगाबाद विधानसभा में 2.31 लाख वोटर हैं। जिसमें करीब 42 हजार वोटर कुर्मी समाज के और करीब 27 हजार वोटर ब्राह्मण समाज के हैं। इसके बाद भी ब्राह्मण समाज का प्रत्याशी अधिकांश समय विजेता रहा है। इस बार का चुनाव तो और भी रोचक हो गया है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी ने सगे ब्राह्मण भाइयों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस से पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा तो भाजपा से वर्तमान विधायक सीतासरन शर्मा उम्मीदवार है। सीतासरन शर्मा तीन बार से भाजपा पार्टी से विधाक हैं।


कुर्मी बाहुल्य विधानसभा सीट पर 26 चुनाव में 23 बार ब्राह्मण विधायक

होशंगाबाद-इटारसी विधानसभा कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र मनी जाती है। लेकिन इस विधानसभा में ब्राह्मण विधायक का ही दबदबा रहा है। 1957 में विधानसभा गठित होने के बाद अब तक 26 विधानसभा चुनाव (2003 के पहले तक होशंगाबाद और इटारसी अलग-अलग विधानसभा थी) हुए हैं। इसमें से 23 बार विधायक ब्राह्मण समाज का ही बना है। 2003 में परिसीमन के बाद इटारसी विधानसभा विलोपित कर नई सोहागपुर विधानसभा बनाई गई। इटारसी को होशंगाबाद के साथ ही जोड़ दिया गया।

इटारसी विधानसभा
चुनाव विधायक

1957 हरि प्रसाद चतुर्वेदी
1962 कुंवर सिंह
1967 हरि प्रसाद चतुर्वेदी
1972 हरि प्रसाद चतुर्वेदी
1977 नर्मदा प्रसाद सोनी
1980 विजय कुमार दुब
1985 विजय कुमार दुबे
1990 डॉ. सीतासरन शर्मा
1993 डॉ. सीतासरन शर्मा
1998 डॉ. सीतासरन शर्मा
2003 गिरिजाशंकर शर्मा
नोट: इसके बाद इटारसी विधानसभा होशंगाबाद में मर्ज हुई।

होशंगाबाद विधानसभा

1957 नन्हेंलाल
1962 सुशीला दीक्षित
1967 सुशीला दीक्षित
1972 सुशीला दीक्षित
1977 रमेश बरगले
1980 मधुकरराव हर्णे
1985 अंबिका प्रसाद शुक्ल-
1990 मधुकरराव हर्णे
1993 अंबिका प्रसाद शुक्ल
1998 सविता दीवान शर्मा
2003 मधुकर राव हर्णे


इटारसी-होशंगाबाद विधानसभा

2008 गिरिजाशंकर शर्मा
2013 डॉ. सीतासरन शर्मा
2018 डॉ. सीतासरन शर्मा