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सात साल में आधे शहर को भी नहीं पिला पाए नर्मदाजल

-narmdapuram हिचकोले खा रही 47.66 लाख की अमृत योजना, लीकेज बनी पहचान

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सात साल में आधे शहर को भी नहीं पिला पाए नर्मदाजल

सात साल में आधे शहर को भी नहीं पिला पाए नर्मदाजल

नर्मदापुरम. नर्मदा तट के सवा लाख से अधिक आबादी वाले शहर में सात साल में नगरपालिका आधे शहर को भी नर्मदा जल नहीं पिला पा रही है। 47 करोड़ 66 लाख की अमृत योजना हिचकोले खा रही। अभी भी आधे शहर के हजारों घरों में नर्मदा जल की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। जहां पर नर्मदा जल पहुंच रहा वहां भी कई हिस्से छूटे हुए हैं। नए शहर की बात तो छोड़ो पुराना शहर ही इससे अछूता है। योजना की पहचान लीकेज ने ली है। आए दिन पाइप लाइन में लीकेज से नर्मदाजल बर्बाद हो रहा है। योजना के ठेकेदार का ज्यादातर समय लीकेज को ठीक करने में ही चला जा रहा। जब जिला मुख्यालय के ये हाल हैं तो फिर पिपरिया, इटारसी, सोहागपुर और सिवनीमालवा में नर्मदा जल योजना के आने वाले समय में क्या हाल होंगे यह स्पष्ट है। हालत ये है कि नर्मदापुरम शहर के तैंतीस वार्डों में ज्यादातर इलाकों में नपा के खुद के पंप हाउसों से पुरानी टूट-फूटी लाइनों से ही पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इसमें भी टंकियों के समय पर नहीं भर पाने और सुबह के समय बिजली के गुल हो जाने से भी पेयजल रहवासियों को बमुश्किल मिल पा रहा है।

ये इलाके अभी भी नर्मदा जल से अछूते
शहर में पुराने इलाकों की बात करें तो मुख्य बाजार क्षेत्र के अंतर्गत ही वार्ड नंबर एक, दो, तीन, चार एवं 6 में नर्मदाजल की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। वार्ड नंबर 4 एवं 5 तो कहीं-कहीं ही घरों में नर्मदा जल मिल रहा। वार्ड नंबर 28 में नपा के खुद के कार्यालय के आसपास एवं बीटीआई से लेकर नर्मदा कॉलेज तक क्षेत्र में भी कुछ जगह सप्लाई है, बाकी जगहों पर नहीं है। मालाखेड़ी एवं हाऊसिंग बोर्ड, अंकिता नगर जैसे बड़े इलाके में भी यही हाल है। यहां भी आधे हिस्से में ही नर्मदा जल मिल रहा। बाकी हिस्से में नपा के पुराने पंप हाउस व लाइन से पानी दिया जा रहा है। ग्वालटोली में भी वार्ड नंबर 30, आदमगढ़, संजयनगर क्षेत्र में भी नर्मदाजल की सप्लाई नहीं हो पा रही। यहां के 3 से 4 वार्ड अभी भी अछूते हैं।

लीकेज सुधारने, लाइन जोडऩे में बीता रहा समय
बता दें कि अमृत योजना को वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। वर्ष 16,17.18 एवं 19 में तो कुछ काम हुए। पाइप लाइनें बिछाई गई। घरों में नल कनेक्शन दिए गए। आधे हिस्से में नर्मदा जल की सप्लाई भी हुई। लेकिन लाइन में बार-बार लीकेज और टूटी-फूटी लाइनों को जोडऩे में भी समय बीत गया। कोरानाकाल में दो साल काम बंद रहा। अब जाकर काम फिर शुरू हो सका है। इसमें जिला अस्पताल के पास से बजरिया तक के इलाके में पाइप लाइन बिछाई जा रही है। हाउसिंग बोर्ड के छूटे हिस्से में भी काम शुरू होने जा रहा है। मालाखेड़ी, होमगार्ड कार्यालय के पास, कुलामढ़ी रोड पर फिल्ट प्लांट के पास हॉकी टर्फ मैदान, एसएनजी के पास मुख्य पाइप लाइन में बार-बार लीकेज, टूट-फूट जारी है।

एक नजर में अमृत नर्मदाजल योजना
योजना की कुल लागत: 47.66 करोड़
एचडीपीई पाइप लाइन: 216 किलोमीटर
मुख्य फीडर लाइन डीआई: 16 किलोमीटर
टोटल घरों में कनेक्शन -12 हजार 547
अभी भी शहर का आधा हिस्सा बाकी है

इनका कहना है...
वर्ष 2016 से काम शुरू कराया गया था। दो साल कोराना के कारण काम नहीं हो सके। अब जाकर एलाइमेंट-परिमिशन मिली है। जिसमें मुख्य बाजार क्षेत्र से सेठानीघाट तक पाइप लाइन बिछा रहे हैं। तैंतीस वार्डों में जहां भी हिस्से छूटे हैं वहां पाइप लाइन बिछाकर व कनेक्शन देकर नर्मदा जल की सप्लाई शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-भूपेश ढोके, मैनेजर, नर्मदा जल योजना ठेका कंपनी।

अमृत-वन योजना को जो काम शेष रह गए हैं, उन्हें ठेका कंपनी को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी वेलेंस वर्क कराए जा रहे। 19 नबंवर को कलेक्टर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक भी होने जा रही है। कोशिश यही है कि योजना में शामिल वार्डों में नर्मदा जल की सप्लाई सुचारू हो सके।
-विनोद कुमार शुक्ला, सीएमओ नगरपालिका परिषद नर्मदापुरम।