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MP Election 2023: चुनाव से पहले दिग्गज नेता ने छोड़ी कांग्रेस, कमलनाथ-दिग्विजय से थी नाराजगी

ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में भाजपा ज्वॉइन करेंगी पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मा

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नर्मदापुरम जिले की विधानसभाओं में कांग्रेस पार्टी के टिकट वितरण से नाराज पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मा कांग्रेस छोडकऱ भाजपा में शामिल हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में वे भाजपा की सदस्यता लेंगी। बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर सोहागपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी पुष्पराज पटेल पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को संबोधित अपना प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा पोस्ट किया है।

पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मां ने पत्रिका से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की बंधक हो गई है। प्रदेश में टिकट वितरण में मनमर्जी की गई है। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस को अब कार्यकर्ता की जरूरत नहीं है। मेहनती कार्यकर्ता नेताओं की उपेक्षा से परेशान हो गए हैं। इसलिए पार्टी छोडकऱ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया से बात हो गई है। एक या दो दिन में वे भाजपा की सदस्यता लेंगी। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि 30 वर्षों के अपने राजनीतिक जीवन में 20 वर्षों तक प्रदेश के कई हिस्सों में संगठन का काम ईमानदारी से किया। अनेक उपचुनावों और जिलों की प्रभारी रही हूं। परंतु जिले में वर्तमान विधानसभा टिकिट वितरण को देखते हुए ऐसा लगता है कि निष्ठावान कार्यकर्ता की आवश्यकता अब पार्टी को नहीं है।

1998 में 15 वोट से जीतकर बनी थीं विधायक

जानकारी के मुताबिक 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से सविता दीवान शर्मा और भाजपा से मधुकर राव हर्णे के बीच रोचक मुकाबला हुआ था। इस विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मुधकर हर्णे को 35472 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस की शर्मा को 35487 वोट मिले थे। इस तरह उन्होंने 15 वोट से चुनाव जीत लिया था। इसके बाद से 2018 तक कांग्रेस होशंगाबाद विधानसभा से जीत नहीं पाई।

मेरे पिता पर आरोप लगाने वाले को ही कांग्रेस ने टिकट दे दिया

पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मा ने इस्तीफा में लिखा है कि मेरे पिता विनय कुमार दीवान पर अनर्गल आरोप लगाने वाले पुष्पराज पटेल को कांग्रेस ने टिकट दिया। मेरे पिता ने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित किया। राजनीतिक विरोधी भी उनकी प्रशंसा करते थे। उन पर आरोप लगाना असहनीय है।