10 माह में आ चुके साढ़े चार हजार से अधिक विदेशी, मार्च-अप्रेल में करीब 2 हजार विदेशी सैलानियों ने लिया लुत्फ
नर्मदापुरम. गर्मी की छुट्टियों के चलते इन दिनों सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी और एसटीआर के मढ़ई-चूरना प्राकृतिक पर्यटक केंद्रों पर देशभर के साथ विदेशी सैलानी भी उमड़ रहे हैं। ग्रीष्मकाल के बीते मार्च-अप्रेल माह में ही यहां करीब 2 हजार विदेशी पर्यटक आ चुके हैं। अगर बीते दस का आंकड़ा देखें तो अब तक इनकी संख्या 4 हजार 497 हो चुकी है। मई माह में भी विदेशियों के आकर पचमढ़ी-मढ़ई की हसीन वादियों में टाइगर देखने एवं प्राकृतिक सौंदयों को निहारने, स्वादिष्ट देशी व्यंजनों लुत्फ उठाने का सिलसिला जारी है। बता दें कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कोर एवं बफर क्षेत्र में कई ऐसे टूरिस्ट पाइंट हैं, जो देश-प्रदेश की तुलना में बेहद खूबसूरत और मन को सुकून देने वाले हैं।
सबसे ज्यादा मार्च में आए विदेशी सैलानी
वर्ष 2022 के अक्टूबर माह में वर्ष 156, नवंबर में 532, दिसंबर में 510 एवं चालू वर्ष 2023 में जनवरी में 535, फरवरी में 767, मार्च में सबसे ज्यादा 1162, अप्रेल में 835 विदेशी सैैलानी एसटीआर में घूमने के लिए आए हैं।
दो माह में 47899 देशी पर्यटक भी आए
नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाईगर रिजर्व में बीते मार्च और अप्रेल माह में 47 हजार 899 देशी पर्यटक भी आ चुके हैं। अगर जुलाई से लेकर अप्रेल तक की संख्या देखें तो यह 2 लाख 73 हजार 886 है। इसमें मप्र सहित देश के अन्य राज्यों के सैलानी शामिल हैं।.
दस माह में एसटीआर ने कमाए 56.56 लाख
सतुपड़ा टाइगर रिजर्व की पर्यटकों से लिए गए शुल्क से अर्जित आय को देखें तो जुलाई से लेकर अप्रेल तक की अवधि में 56 लाख 56 हजार 120 रुपए की अच्छी आर्थिक आय अर्जित की है।
इनका कहना है....
एसटीआर के अच्छे प्रबंधन के मामले में देश में दूसरे स्थान पर आने के बाद और भोपाल से पास होने से पचमढ़ी, मढ़ई-चूरना आदि टूरिस्ट पाइंटों पर देशी के साथ विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। पहले महाराष्ट्र-गुजरात के सैलानी ज्यादा आते थे। अब विदेशी पर्यटकों को भी यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, हसीन वादियां, वन्यप्राणी खासकर टाइगर लुभा रहे हैं।
-संदीप फैलोज, सहायक संचालक सतुपड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम