16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गबन मामले में निलंबित सीईओ दुबे बहाल

जिला सहकारी बैंक संचालक मंडल की आपात बैठक में हुआ निर्णय, कलेक्टर को दी जानकारी, पूर्व में हाईकोर्ट ने दिया था बहाली का आदेश, फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट में, फिर भी बहाली के फैसले पर हुए सवाल

3 min read
Google source verification

image

Sanket Shrivastava

Oct 21, 2016

meeting

meeting


होशंगाबाद।
जिला सहकारी बैंक हरदा में हुए गबन मामले में जिस संचालक मंडल ने हाईकोर्ट के आदेश के विपरीत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) आरके दुबे की बहाली रोककर सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी थी, आज उसी संचालक मंडल ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही आपात बैठक बुलाकर दुबे को बहाल कर दिया। हालांकि बैंक के सीईओ अपेक्स बैंक के केडर अधिकारी कमल मकाश्रे ही रहेंगे। दुबे उनके अधीनस्थ कार्य करेंगे। बैठक के बाद बैंक का संचालक मंडल कलेक्टर से मिलने भी पहुंचा और उन्हें दुबे को बहाल करने के निर्णय की जानकारी दी। बुधवार को जिला सहकारी बैंक सभाकक्ष में आयोजित संचालक मंडल की बैठक में बैंक अध्यक्ष संतोष पाटिल, उपाध्यक्ष भरतसिंह राजपूत एवं रामचन्द्र लोवंशी, संचालक पीयूष शर्मा, गोपालशरण चौरसिया, कुंअरसिंह यादव, मालकसिंह पटेल, अरुणा जोशी, अनिल बारोलिया मौजूद थे।


पूर्व की तीन बैठकों में नहीं हुआ निर्णय

इस आपात बैठक से पूर्व तीन बार संचालक मंडल बैठक कर चुका है। हर बार दुबे की बहाली को लेकर चर्चाएं हुईं, लेकिन हर बार हाईकोर्ट के फैसले की दुहाई देकर बहाली रोक दी गई। स्थिति आज भी वैसी है, इसके बावजूद आज की बैठक में इस बहाली को राजनीतिक दबाव के रूप में देखा जा रहा है।


बैंक में अब दो सीईओ

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि आरके दुबे की बहाली के बाद सहकारी बैंक में दो सीईओ हो गए हैं। जिससे दोनों का वेतन-भत्तों का भार भी बैंक पर आएगा। ऐसे में यह तय किया गया कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने तक यह भार बैंक उठाएगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, उसी परिपालन में निर्णय होगा। हरदा में सीईओ व नोडल अधिकारी की पदस्थापना के लिए भी अपेक्स बैंक भोपाल को पत्र लिखा जाएगा।


नोटिस का जवाब भी नहीं दिया दुबे ने

सूत्रों के मुताबिक बैंक में हुए गबन मामले में 18 लाख रुपए ब्याज की राशि वसूलने की रिपोर्ट एवं समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में लाखों रुपए के नुकसान के लिए अपेक्स बैंक के जांच अधिकारी कामाली ने दुबे को दोषी पाया था। राशि वसूलने की रिपोर्ट पर बैंक ने दुबे को नोटिस भी जारी किया था, जिसका जवाब दुबे ने आज तक नहीं दिया।


वार्षिक सम्मेलन में मिले थे बहाली के संकेत

सीईओ दुबे की बहाली के लिए संचालक पीयूष शर्मा काफी समय से सक्रिय थे। पिछले दिनों बैंक के वार्षिक सम्मेलन में शर्मा ने मंच पर बैठने से भी इनकार कर दिया था। साथ ही अन्य संचालकों की कलई खोलना शुरू कर दिया था। इसके बाद पूरा संचालक मंडल दबाव में आ गया था। सूत्रों का कहना है कि दुबे की बहाली के संकेत इसी वार्षिक सम्मेलन के दौरान मिल गए थे। माना जा रहा है कि यही दबाव दुबे की बहाली के लिए पर्याप्त था। हालांकि आज की आपात बैठक से पूर्व भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य संचालकों द्वारा यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि दुबे की बहाली किसी भी स्थिति में नहीं होगी। इसके बावजूद यह निर्णय ले लिया गया।


इनका कहना .....

- हमें 24 अक्टूबर से पहले हाईकोर्ट को जवाब देना है। हाईकोर्ट द्वारा संचालक मंडल, बैंक सीईओ और अध्यक्ष को पार्टी बनाया गया था और निर्देश दिए थे कि संचालक मंडल अपना निर्णय सुनाए। इस आधार पर बैठक में निर्णय लेकर दुबे की सशर्त बहाली की गई है। जिसके अंतर्गत वर्तमान सीईओ के अधीनस्त रखा जाएगा।

भरत सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष जिला सहकारी बैंक



- निलंबित चल रहे दुबे को हाईकोर्ट ने बरी किया था, उसी के आधार पर संचालक मंडल ने सर्वसम्मति से बहाली का निर्णय लिया है। अपेक्स बैंक से सीईओ पहले से कार्यरत हैं।

- पीयूष शर्मा, संचालक जिला सहकारी बैंक


-
संचालक मंडल ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि आरके दुबे को सीईओ का चार्ज नहीं दिया जाएगा। बैंक के सीईओ कमल मकाश्रे ही रहेंगे। दुबे का कहना था कि वे उनके ऊपर लगे आरोप में हाईकोर्ट से बरी हो चुके हैं, इसलिए उन्हें बहाल किया जाए। इसी आधार पर संचालक मंडल की बैठक बुलाकर दुबे की बहाली का निर्णय लिया गया है। दुबे विशेष अधिकारी के रूप में सीईओ के अधीन ही काम करेंगे।

संतोष पाटिल, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक

ये भी पढ़ें

image