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गर्मी में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, तेज धूप में न निकले, ठंडे पेय पदार्थ ज्यादा लें

लू, उल्टी-दस्त की शिकायत होते ही चिकित्सक विशेषज्ञ से सलाह एवं उपचार लेना चाहिए

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गर्मी में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, तेज धूप में न निकले, ठंडे पेय पदार्थ ज्यादा लें

गर्मी में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, तेज धूप में न निकले, ठंडे पेय पदार्थ ज्यादा लें

नर्मदापुरम. इन दिनों तेज गर्मी पड़ रही है। तपन-उमस के कारण इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा। विशेष तौर पर घरों-दफ्तरों से बाहर निकलने एवं घूमते समय लू की चपेट में भी लोग आ रहे हैं। शरीर में पानी की कमी एवं बाहर का होटलों का नाश्ता, तली चीजें खाने से गर्मी से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रही। उल्टी-दस्त, बदहजमी, तेज बुखार से पीडि़त मरीज जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराने पहुंच रहे हैं। तेज धूप का असर बच्चों, बुजुर्गों पर ज्यादा पड़ रहा है। खासकर बीपी, शुगर सहित पेट संबंधित अन्य बीमारियों से पीडि़त लोग ज्यादा परेशान हैं। चिकित्सकों ने लू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों से बचने की सलाह देते हुए उपाय भी बनाए हैं। जिसमें गर्मी और लू से बचाव के लिए क्या करें क्या नहीं। लू लग जाने पर क्या करना चाहिए। खानपान कैसे रखें और पहनावा कैसा होना चाहिए ताकि गर्मी से बचा जा सके।

29 डिग्री पहुंचा नर्मदापुरम का रात का पारा
नर्मदापुरम. नर्मदांचल में नोतपा के पहले ही तीखी गर्मी का दौर जारी है। सोमवार की रात में शहर का पारा 29 डिग्री पर पहुंच गया, वहीं दिन के तापमान में मामूली गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 39.9 एवं न्यूनतम तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रविवार को यह क्रमश: 40 एवं 27.2 डिग्री सेल्सियस पर था। रात के तापमान में 1.7 डिग्री का उछाल रहा। हिल स्टेशन पचमढ़ी का अधिकतम तापमान 37.4 एवं न्यूनतम 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। रविवार को यह क्रमश: 38.6 एवं 16.4 डिग्री पर था। बता दें कि नोतपा 25 मई से शुरू होंगे। मौसम विभाग ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना रहा। नर्मदापुरम संभाग के तीनों जिलों में तापमान की स्थिति सामान्य रही।

बच्चों का रखें विशेष ख्याल
चाइल्ड विशेषज्ञ डॉ. आनंद पाठक बताते हैं कि गर्मी के मौसम में छोटे बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है। बच्चों को गर्मी की तेज धूप में भूखे-प्यासे बाहर नहीं निकलने और खेलने नहीं देना चाहिए। क्योंकि तुरंत ही लू का असर पड़ता है। इसलिए बच्चों को ठंडी जगहों पर रहना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ एवं शीतल पेयजल पिलाना आवश्यक है, ताकि शरीर में पानी की कमी न रहे। बाजार की खुली चीजें खाने से भी बचना चाहिए। खासकर प्रसाद-मिठाई से परहेज रखें। अगर लू लग जाए और तेज बुखार आए तो तुरंत ही विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाकर उपचार लेना चाहिए। समय-समय पर ग्लूकोज की बॉटल भी लगवाने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

-डॉ. आनंद पाठक, शिशु रोग विशेषज्ञ, नर्मदापुरम

बुजुर्गों की देखभाल पर ध्यान दें
भीषण तपन के दौर में सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों पर भी पड़ता है। क्योंकि शारीरिक क्षमता कमजोर रहती है। घर से बाहर धूप में बुजुर्गों को ज्यादा नहीं निकलने देना चाहिए। अगर बाहर जाना भी पड़ जाए तो सूती गमझा, टोपी आदि सिर पर ढंककर ही निकलना चाहिए, ताकि धूप से बचा जा सके। कूलर-पंखों की हवा के बीच बुजुर्गों के रखना चाहिए। उल्टी-दस्त, लू लगने या बदहजमी की शिकायत होने पर तुरंत ही चिकित्सक को दिखाकर इलाज कराना चाहिए। बीपी-शुगर को समय-समय पर चेक कर उपाय बरतना चाहिए। खानपान में तरल पदार्थ ज्यादा उपयोग करें।

-डॉ. अतुल सेठा, एमएस, निजी चिकित्सा विशेषज्ञ, नर्मदापुरम।

लूृ-डिहाइड्रेशन से इस तरह बचें
-गर्मी के मौसम पर लू एवं डिहाइडे्रशन की शिकायतें ज्यादा होती है। बच्चों-युवा और बुजुर्गों को लू लग जाए तो घर का ही स्वच्छ व ठंडा पानी ज्यादा पीना चाहिए। तरल पदार्थ पीना चाहिए। पेरासेटेमाल की जरूरत पड़ती है। घरों से बाहर निकलते समय सिर पर गमछा ओढ़कर और काला चश्मा लगाना चाहिए। बुजुर्गों को शुगर एवं बीपी को चेक कराते रहना चाहिए। पहनावा ऐसा रखें की पसीना सूख जाए। विशेषकर ढीले, सूती कपड़े पहनना चाहिए।

-डॉ. सुनील जैन, चिकित्सा विशेषज्ञ नर्मदापुरम

शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए
गर्मी के मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। धूप से बचने का उपाय रखें। खासकर दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच घरों-दफ्तरों में ही रहना चाहिए। तापमान को शरीर के अनुरूप बनाए रखने कूल-पंखों की हवा लेना चाहिए। बाहर का दूषित पेयजल एवं खाद्य पदार्थ, खुले में रखीं तली हुई चीजें खाने से बचना चाहिए। क्योंकि अपच, डिहाइडे्रशन, उल्टी-दस्त व बुखार की शिकायतें बढ़ जाती है।

-डॉ. रवींद्र गंगराडे, सर्जन जिला अस्पताल नर्मदापुरम।