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तंत्र क्रिया के लिए टाइगर के शिकार से जुड़ी 3-T की कहानी… बाघ के दांत का ताबीज

मृत बाघ की गर्दन काटकर ले गए थे आरोपी, बनाना चाहते थे बाघ के दांत का ताबीज

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तंत्र क्रिया के लिए टाइगर के शिकार से जुड़ी 3-T की कहानी... बाघ के दांत का ताबीज

मृत बाघ की गर्दन काटकर ले गए थे आरोपी, बनाना चाहते थे बाघ के दांत का ताबीज

नर्मदापुरम.
क्या वाकई में जंगल का राजा कहे जाने वाले टाइगर किसी को सचमुच राजा बना सकते हैं? क्या उसके हड्डियां चबा जाने वाले दांत इतने ताकतवार हैं कि किसी को बलबान बनाने की क्षमता रखते हैं? क्या बाघ की खाल पर बैठ जाने से धन की बारिश हो सकती है?
बाघ के केनाइन दांत से ताबीज बनाकर और गर्दन को तंत्रमंत्र में उपयोग करके बेसुमार ताकत हासिल करने के इस सिरफिरे जुनून ने कैसे एक युवक को आत्महत्या करने पर मजबूर किया और दो लोगों को जेल तक पहुंचा दिया। पत्रिका आज आपको बताएगा कैसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में एक बाघ की मौत के बाद निर्दयता से उसके सिर को कुल्हाड़ी से काटकर ले जाने वाले अपराधियों के पर्दाफाश की कहानी...!

टाइगर स्टेट कहे जाने वाले मध्यप्रदेश में बाघ और वन्यप्राणी सुरक्षित नहीं हैं। लगातार बाघ के शिकार के मामले सामने आ रहे हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व चूरना रेंज में पिछले दिनों हुए बाघ के शिकार कर गर्दन काटकर ले जाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव मिलने के 18वें दिन सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की टीम ने शिकारियों को गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया गया। शिकार के तीनों आरोपी बैतूल जिले के ग्राम धांसई के रहने वाले हैं। एक आरोपी मृतक अनीश उइके भी था, जिसने पकड़े जाने के डर से पहले ही आत्महत्या कर ली थी। मृतक आरोपी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना में प्राइवेट जिप्सी चलाता था। बाघ के शिकार को लेकर की गई पूछताछ के बाद 2 जुलाई को आरोपी अनीश का शव फंदे पर झूलता मिला था। मृतक अनीश उइके और कमल कुमरे ने मिलकर मृत बाघ की गर्दन को कुलहाड़ी से काटा, फिर ले गए थे। गर्दन को आरोपियों ने एक तालाब में पन्नी में बांधकर छिपा डाल दिया था। आरोपी बाघ के केनाइन दांत से ताबीज और गर्दन को तंत्रमंत्र में उपयोग कर ताकत पाना चाहते थे।

कुल्हाड़ी से काट ले गए थे बाघ का सिर-
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर संदीप फैलोज के नेतृत्व में आरोपी कमल पिता धान सिंह कुमरे और शुबन पिता शंकर भलावी दोनों निवासी धांसई माल को गिरफ्तार किया। टीम ने कुल्हाड़ी और एक टाइगर का केनाईन दांत भी जब्त किया है। आरोपी कमल ने बताया कि डबरादेव बीट में मैंने और अनीश ने बाघ मृत अवस्था में देखा था। मृत बाघ नाले में पड़ा था। योजना बनाकर हम दो दिन बाद जंगल पहुंचे। कुल्हाड़ी से बाघ की गर्दन को काटी, फिर गांव के पास पन्नी में भरकर पानी में छिपा दिया था।

सुसाइड के बाद डर में फेंका था बाघ का सिर-
एसडीओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया बाघ के शिकार के बाद पूछताछ व जांच पड़ताल शुरू की। आरोपी अनीश तंत्रमंत्र पडिहारी करता था व चूरना रेंज में प्रायवेट जिप्सी चलाता था। इसलिए उसे भी पूछताछ के लिए लाया गया था। सवाल पूछने पर अनीश गुमशुम था व चेहरे पर डर साफ दिख रहा था। 1 जुलाई की रात को ही उसे छोड़ दिया गया। 2 जुलाई की रात को अनीश का शव खेत में जाम के पेड़ पर लटका मिला था। 6 जुलाई को गांंव के पास बाघ की खोपड़ी को कुत्ते खाते मिले। जांच के दौरान पहले एक की मौत और बाघ की गर्दन मिलने से हमें यकीन हुआ कि शिकारी इसी गांव के है।