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दूल्हा मंडप में बैठा रहा उदास, वरमाला के दौरान दौड़कर पहुंची दुल्हन

बैतूल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह आयोजन में समय पर नहीं पहुंची दुल्हन तो दूल्हे और रिश्तेदारों में मच गई खलबली। देरी के कारण जोड़ा विवाह की पूरी रस्में नहीं कर पाया।

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बैतूल. जिला मुख्यालय बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में सोमवार सुबह 9 बजे से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनांतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विवाह कार्यक्रम में नगरीय क्षेत्र बैतूल, बैतूलबाजार सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 52 जोड़े शामिल हुए। आयोजन के दौरान एक दूल्हे की दुल्हन देरी से विवाह स्थल पर पहुंची। वरमाला के दौरान दुल्हन दौड़कर पहुंची। देरी के कारण जोड़ा विवाह की पूरी रस्में अदा नहीं कर पाया। सामूहिक विवाह की रस्में सुबह 10 बजे से शुरू हो गईं थीं। बैतूल के अंबेडकर वार्ड निवासी रवि बारवे समय पर मंडम में पहुंच गए थे, लेकिन दुल्हन के नहीं पहुंचने के कारण वे मंडप पर अकेले ही बैठे नजर आए। करीब एक घंटे तक वे मंडप में परिजनों के साथ ही बैठे हुए दुल्हन का इंतजार कर रहे थे।

देरी होने पर दौड़कर मंडप पहुंची दुल्हन
विवाह की रस्में आधे से ज्यादा संपन्न होने के बाद जब वरमाला डालने की बारी आई तो दुल्हन का पता नहीं था। गायत्री परिवार के सदस्य वरमाला के लिए मंत्रोच्चार कर रहे थे, इसी दौरान किसी ने बताया कि दुल्हन आ गई है। जिसके बाद नगरपालिका की महिलाकर्मी तुरंत दुल्हन का हाथ पकड़कर उसे अपने साथ मंडप तक लेकर पहुंचीं।

आखिरकार दूल्हे को मिल गई दुल्हन
विवाह समारोह में उदास बैठे दूल्हे का चेहरा उस समय खिल उठा जब दुल्हन दौड़कर मंडप पहुंची। जिसके बाद दूल्हे ने राहत की सांस ली। वैदिक मंत्रोच्चार के बाद दोनों ने एक—दूसरे के गले में वरमाला डाली। इसके बाद अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। हालांकि शुरूआत में जो पाणिग्रहण संस्कार की रस्में हुई उससे दोनों वंचित रहे।