17 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP में यहां राशन सूची से काटे गए 23500 नाम, सर्वे के बाद लिया फैसला

MP News- 3 महीने तक चले सर्वे के बाद राशन की पात्रता सूची से करीब 23500 नाम बाहर कर दिए गए हैं। अब तक 94 फीसदी सर्वे पूरा चुका है।

3 min read
Google source verification
MP Budget 2026 offers a gift of ₹1200 crore to millions of ration consumers

MP Budget 2026 offers a gift of ₹1200 crore to millions of ration consumers- Demo pic

MP News- नरसिंहपुर जिले में 3 माह तक चले समग्र ई-केवायसी सर्वे (E-KYC Survey) के बाद राशन की पात्रता सूची से करीब 23500 नाम बाहर कर दिए गए हैं। जिससे समितियों को इन हितग्राहियों के लिए जो राशन आवंटित होता था उसमें भी कटौती कर दी जाएगी। सूची से जो नाम बाहर हुए हैं वह ऐसे हितग्राही हैं जो या तो बाहर चले गए हैं, दिवंगत है या शासकीय सेवाओं में चले गए हैं। जिले में सर्वे का कार्य अब तक 94 फीसद हो गया है और शेष कार्य जोरशोर से पूरा करने कवायद है।

राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने जनवरी से अगस्त तक समग्र ई-केवाईसी अभियान चलाया गया। 8 महीने चले इस अभियान में जिले के 23500 हितग्राहियों को अपात्र पाते हुए राशन सूची (ration eligibility list) से बाहर कर दिया गया है। यह कार्रवाई खाद्य मंत्रालय के निर्देशानुसार की गई, जिसके तहत सभी लाभार्थियो की पहचान और पात्रता की पुष्टि आवश्यक थी।

जिले में राशन दुकानों की संख्या

जिले में 2,16,734 परिवारों के कुल 3,14,071 सदस्य उचित मूल्य की 432 राशन दुकानों से राशन प्राप्त करते हैं। अब तक 94 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 6 प्रतिशत हितग्राहियों की प्रक्रिया अभी चल रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन प्राप्त करने के लिए ई. केवाईसी कराना अनिवार्य है।

नौकरी लगी तो कटवा लिया नाम

सर्वे में यह भी सामने आया कि कई सरकारी कर्मचारी अभी भी राशन सूची में दर्ज थे। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन कर्मचारियों ने शासकीय सेवा में आने के पूर्व राशन लिया था, लेकिन सेवा में आने के बाद से वे इसे बंद कर चुके थे। ऐसे सभी नामों को सूची से हटाया गया है।

इन कारणों से हटाए गए नाम

सर्वे में ऐसे हितग्राहियों के नाम हटाए गए जो जिले से बाहर पलायन कर चुके हैं, परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो चुकी है, विवाह के उपरांत अन्य शहरों में स्थानांतरित हो गए हैं, जो अब शासकीय सेवा में हैं। सभी मामलों में पहचान की पुष्टि कर सूची से नाम विलोपित किए गए।

अब ई-केवाईसी के बाद ही जारी होगी राशन पर्ची

शासन के नए निर्देशों के अनुसार अब राशन प्राप्त करने के लिए हितग्राही को पहले ई. केवाईसी करानी होगी। इसके बाद ही संबंधित राशन दुकान से राशन पर्ची जारी होगी। यह व्यवस्था अपात्रों को सिस्टम से बाहर करने और पात्र लोगों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसके अतिरिक्त शासन द्वारा जिला स्तर पर भेजी गई 10 से 15 हजार हितग्राहियों की सूची पर भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया जारी है। जांच के उपरांत उनका डेटा पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा।

सितंबर से बदले अनुपात में मिलेगा राशन

अभी तक लाभार्थियों को प्रतिमाह 3 किलो गेहूं, 2 किलो चावल और 1 किलो नमक दिया जा रहा था। अब नए निर्देशों के अनुसार राशन का अनुपात बदला गया है। सितंबर से प्रत्येक हितग्राही को 4 किलो गेहूं और 1 किलो चावल मिलेगा। अगस्त माह का वितरण पुरानी व्यवस्था के अनुसार हो चुका है।

6% सर्वे है बाकी

कनिष्ठ आपूर्ति निरीक्षक राम दीक्षित ने बताया कि जिले में ई. केवाइसी की प्रक्रिया को पूरा करने अभियान अभी जारी रहेगा। जिले में 6 प्रतिशत लोगों का सर्वे ही बचा है। इनमें भी कुछ ऐसे नाम हैं जो शासन ‌द्वारा दी गई सूची के है और कुछ बच्चे या अन्य लाभार्थी है। यह प्रक्रिया भी जल्द पूरी हो जाएगी। जिले से जितने लोगों के नाम हटाए गए है उनका डाटा पोर्टल पर अपडेट हो गया है। इससे राशन का आंवटन भी अपने आप ही कम हो जाएगा। विभाग सभी जरूरी उपाय कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र राशन से वंचित न रहे।