वर्तमान ग्राम पंचायत के सदस्यों का कहना है कि उनके पास इस आंगनवाड़ी और किचिन सेड का कोई लेखा जोखा नहीं है और पता ही नहीं चल रहा है कि इसमें कितनी राशि बची है और कितनी राशि खर्च की गई है, फिर वह किस मद से इस अधूरे आंगनवाड़ी केन्द्र को पूरा निर्मित करा दें। जिस सरपंच और सचिव के कार्यकाल में उकत निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ था, वह अब यहंा पर नहीं हैं और इनके अधूरे निर्माण कार्य के प्रति कोई कार्रवाई भी नहीं हो रही है, जिसके कारण उक्त आंगनवाड़ी केन्द्र अधूरा पड़ा है।