
लंबित भुगतान पर सीईओ जिला पंचायत से चर्चा करते किसान।
problems due to unpaid wages नरसिंहपुर. जिले में गन्ना किसानों को प्रशासन के निर्देशों के बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। जिन अधिकारियों पर भुगतान समय पर कराने की जिम्मेदारी है वह अपने ही आला अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। हालत यह है कि कोई किसान भुगतान न मिलने से किडनी की खराबी होने पर इलाज नहीं करा पा रहा है तो किसी को बाजार के कर्ज, घर की जरूरतों और वैवाहिक आयोजनों के लिए पैसों की दरकार है लेकिन भुगतान नहीं मिलने से तंगी भुगतना पड़ रही है।
मंगलवार को दर्जनों किसान अपने-अपने आवेदन लेकर पीड़ा सुनाने जब कलेक्ट्रेट पहुंच गए। किसानों को देख यहां मौजूद सहायक संचालक गन्ना ने उनके आवेदन लिए और कहा कि वह महाकौशल शुगर मिल बचई को यह आवेदन भिजवाएंगे। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन के सदस्य पहुंंचे और कलेक्टर को समस्या सुनाने की मांग की। जिला जिनकी समस्या को जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश ने सुना और आश्वासन दिया कि जल्दी ही किसानों को उनका भुगतान कराने कार्रवाई करेंगे।
पैसा नहीं तो शक्कर की दे दो, उसे बेच लेेंगें
भुगतान न होने से किसान इस तरह आर्थिक तंगी में है कि वह कह रहे हैं कि मिल प्रबंधन यदि पैसा नहीं दे पा रहा है तो शक्कर ही दे दे, वह उसे बेंच लेंगे। आखिर कब तक भुगतान के लिए चक्कर काटें। किसानों का आरोप है कि मिल ने किसानों को करोड़ो रुपए बकाया दबाया है जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है।
बकाया भुगतान की यह है बानगी
किसान आरती पति पुष्पेंद्र लोधी ग्राम करहैया ने बताया कि उनका करीब 795494 रुपए भुगतान बकाया है। डांगीढाना के अनिल पिता नृपेंद्र पटेल को करीब 11 लाख रुपए नहीं मिला है। करहैया के नीलेश पिता चंदन सिंह ने 666314 रुपए, मनोज पिता कढ़ोरीलाल पटेल ने 354120 रुपए, राजकुमार पति मनोज पटेल ने 304704 रुपए, वीरेंद्र पिता चंदन सिंह ने 700144 रुपए, लक्ष्मण पिता नन्हेलाल पटेल ने 255228 रुपए, राजेश पिता खोबाराम लोधी ने 1545763 रुपए, राकेश पिता देवी सिंह पटेल ने 6 लाख रुपए का भुगतान न होने की बात कही है। इसी तरह कई और किसान हैं जिन्होंने अपने बेचे गए गन्ने का भुगतान कराने की मांग की है।
14 दिन में भुगतान का है नियम
भारतीय किसान यूनियन टिकेत के जिला अध्यक्ष विमलेश पटेल, देवेंद्र पाठक आदि ने बताया कि मिल को गन्ना खरीद के 14 दिन में भुगतान करने का नियम है। यदि इस दौरान भुगतान नहीं होता तो ब्याज समेत भुगतान होना चाहिए यह प्रावधान है। लेकिन यहां तो कई किसान ऐसे हैं जिनको खरीदी सीजन शुरू होने के बाद से ही अब तक भुगतान नहीं हुआ है। कई किसान ऐसे भी हैं जिनको बीते वर्ष का भुगतान नहीं हुआ है। ग्राम बाघपौड़ी के किसान पंचम सिंह की किडनी खराब हैं उन्हें इलाज कराने पैसा चाहिए लेकिन मिल से पैसा नहीं मिल रहा है। कम से कम ऐसे जरूरतमंद किसानों को तो प्रशासन मिल से समय पर भुगतान कराने कार्रवाई करे।
वर्जन
किसानों के लंबित भुगतान मामले में मिल प्रबंधन को नोटिस दिए हैं। कलेक्टर न्यायालय में इस संबंध में मिल प्रबंधन के खिलाफ मामला भी कायम किया है। हम लगातार भुगतान की मॉनिटिरिंग कर रहे हैं, किसानों की समस्या संज्ञान में है। किसानों को जल्द से जल्द भुगतान कराया जाएगा।
रजनी सिंह, कलेक्टर नरसिंहपुर
जो भी आवेदन किसानों ने दिए हैं उन्हें मिल प्रबंधन को भिजवाया जा रहा है। किसानों को जल्दी भुगतान कराने कार्रवाई करेंगे। अभी यह बताना मुश्किल है कि कुल बकाया कितना है। बकाया राशि करोड़ों में है यह जरूर है।
Published on:
18 Feb 2026 01:35 pm
