- केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ( central minister Prahlad Patel ) के भतीजे मोनू पटेल का निधन- पोस्टमार्टम की प्राथमिक जानकारी के अनुसार- मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। शुरुआत में ब्रैन हेमरेज ( brain hemorrhage ) की संभावना भी जताई गई थी।- बिस्तर पर उल्टे पड़ा मिला था मोनू पटेल ( Monu Patel ) का शव- भतीजे के अंतिम संस्कार में पहुंचे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ( Prahlad Patel ) के भतीजे और नरसिंहपुर से भाजपा विधायक जालम सिंह पटेल ( MLA Jalam singh patel ) के बेटे मोनू पटेल ( Monu Patel ) का रविवार को निधन हो गया। घटना के बाद से ही मोनू पटेल की अचानक मौत को लेकर सस्पेंस बना हुआ था। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मोनू की मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।
आपको बता दें कि, मोनू पटेल 32 साल के थे और कुछ दिन पहले ही हत्या के प्रयास के प्रकरण में वो अदालत से बरी हुए थे। इस मामले में उनके पिता भी आरोपी थे। मोनू के निधन की खबर सामने आते ही जालम सिंह की विधानसभा क्षेत्र के साथ साथ पूरे नरसिंहपुर में शोक की लहर है। फिलहाल, सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद मोनू सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार में कैंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भी शामिल हुए हैं।
कैसे हुई मौत
बताया जा रहा है कि, दोपहर करीब 1 बजे मोनू पटेल नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत आने वाले गोटेगांव में स्थित घर के अपने कमरे में गए थे। उसके बाद शाम 6 बजे तक जब वो अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो घर वालों ने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक अंदर से जब कोई आवाज नहीं आई तो दरवाजा खोलकर देखा। मोनू अपने बिस्तर पर उल्टा पड़ा था। आनन फानन में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोनू की मौत की खबर पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते गोटेगांव के सरकारी अस्पताल में समर्थकों की भीड़ जुट गई। आलम ये था कि, भीड़ के कारण अन्य भर्ती मरीजों की सुलभता को देखते हुए अस्पताल के गेट बंद करने पड़े।
हत्या के प्रयास के आरोप से हुए थे बरी
आपको याद दिला दें कि, हालही में नरसिंहपुर से भाजपा विधायक जालम सिंह पटेल और उनके बेटे मोनू पटेल को जबलपुर की विशेष अदालत से राहत मिली थी। दोनों हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी थे। कोर्ट ने पिता-पुत्र को दोषमुक्त करार देते हुए नवंबर 2014 के मामले से बरी कर दिया। जब गोटेगांव के एक शख्स ने विधायक, उनके पुत्र और गार्ड पर मारपीट कर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया था। फिलहाल, कुछ दिन पूर्व ही केरपानी में आयोजित गौरव दिवस की व्यवस्थाएं मोनू पटेल ने ही संभाली थी। हालांकि, उस दौरान वो पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे थे।