
मंडी में मंगलवार की दोपहर सौदा करते हुए व्यापारी-किसान।
Agricultural Produce Market नरसिंहपुर. कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर में इन दिनों अनाज की आवक अधिक हो रही है लेकिन उठाव की स्थिति बेहद खराब है। किसान खुले में अनाज के ढेर लगाने और धूप में खड़े होकर उपज की सुरक्षा करने, बोली लगवाने लाचार हैं। वहीं कई किसान शेड क्रमांक सात के पास गैलरी में भी अनाज के ढेर लगा रहे हैं। मंगलवार को बोली के दौरान जब गैलरी में लगे अनाज के ढेर की बोली नहीं लगी तो कुछ किसानों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। जिससे स्थिति को संभालने मंडी प्रबंधन को समझाइश देने की नौबत बनी। कुछ देर बोली प्रभावित रही और बाद में मामला शांत हुआ तो फिर अनाज की बोली शुरू हुई।
मंडी में किसानों की सुविधा के लिए बने शेडों में व्यापारियों का अनाज कई-कई दिनों तक रखा रहता है, उसका उठाव समय पर नहीं होता। जिससे अनाज की अधिक आवक के दौरान यहां लगातार वाद-विवाद की स्थिति बनती रहती है। मक्का के सीजन में तो उठाव में देरी की वजह से कुछ दिन मंडी बंद रखने की नौबत तक बन चुकी है। लेकिन मंडी प्रबंधन समय पर उठाव कराने गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
प्रबंधन करे उचित व्यवस्था
नगर से लगे ग्राम खैरी से आए किसान रमेश कुमार चौधरी ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह करीब 100 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी पहुंचे थे, लेकिन उनका गेहूं न तो तौला गया और न ही उसकी बोली लगाई गई। कर्मचारियों और व्यापारियों ने उनसे साफ कह दिया कि वे यहां बोली नहीं लगाएंगे। किसानों का कहना था कि मंडी में किसी प्रकार की स्पष्ट सूचना या बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिससे उन्हें यह पता नहीं चल पाता कि किस स्थान पर अनाज की खरीदी और बोली की व्यवस्था है। किसानों ने मंडी प्रबंधन से उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
वर्जन
कुछ किसानों ने गैलरी में अनाज के ढेर लगा लिया था, जिनकी बोली बाद में लगवा दी गई है।
देवेंद्र ठाकुर, सचिव कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर
Published on:
08 Apr 2026 01:08 pm
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