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भक्तों के वश में हैं भगवान : स्वामी नित्यानंद गिरी

10 से  14 जनवरी भक्तमाल कथा आयोजित 

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sanjay tiwari

Jan 12, 2017

Bhaktmal Katha

Devotees belong to God: Swami Nityananda Giri

गाडरवारा। भक्तों के चरित्र सुनते सुनते साधक ईश्वर की ओर अग्रसर होता है, संत एकनाथ जी महाराज, मीराबाई, संत कबीर दास, भक्त प्रहलाद, संत ज्ञानेश्वर, सूरदास जी महाराज जैसे संतों का चरित्र सुनना उनके अनुसार भक्ति का मार्ग चुनना भक्त साधक के लिए सुगम होता है। उक्ताशय के विचार स्वामी सदाशिव नित्यानंद गिरीजी महाराज ऋषिकेश हरिद्वार के द्वारा भक्तमाल कथा में व्यक्त किए।
स्वामी ने नगर के श्रीराम भवन कामती तिराहे के पास आयोजित भक्तमाल कथा में व्यासपीठ से संत एकनाथ जी के चरित्र की कथा का गान करते हुए, आगे बताया कि संत एकनाथ जी के यहां भगवान ने स्वयं अंत समय में श्रीखंड्या नामक ब्राह्मण के रूप में सेवा की। उनकी भक्ति की चर्चा सर्वत्र हो ऐसी लीला की। भगवान भक्तों के बस में रहते हैं, भक्तों की इच्छा के अनुरूप लीला करते हैं। एकनाथजी जब वृद्धावस्था में जाते हैं तब श्रीखंडया ब्राह्मण के रूप में भगवान उनका पानी भरते हैं। कपड़े धोते हैं, साफ सफाई करते हैं। शबरीमाता के झूठे बेर खाते हैं, नरसी मेहता के परिवार में बेटी के विवाह में दहेज का प्रबंध करते हैं। भगवान भक्तों की भावना के अनुरुप लीलाएं करते हैं। स्वा

इसी क्रम में प्रात: काल 5:30 से पतंजलि योग शिविर भी श्रीराम भवन में जारी है, तथा दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक कथा प्रवचन होते हैं। 10 जनवरी से जारी कथा का समापन 14 जनवरी शाम 5:00 बजे होगा। सियाराम रघुवंशी परिवार द्वारा आयोजित भक्तमाल कथा में सभी ग्रामीण एवं नगरवासी जनों से कथा श्रवण की अपील की गई है। कथा के द्वितीय दिवस डॉक्टर वासुदेवजी महाराज अनघोरा द्वारा क्रोध पर संयम रखने की कथा श्रवण कराई गई। मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में क्रोध, आलस्य, निद्रा कई तरह से बाधाएं डालती है। मंडी गेट के नंबर तीन के सामने श्रीराम भवन में प्रतिदिन सुदूर क्षेत्रों से संतो का आगमन भी नित्यप्रति जारी है।

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