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लव जिहाद पीडि़ता ने दर्ज कराए अपने बयान कोर्ट को बताई मकसूद खान की करतूतें

गाडरवारा की लव जिहाद पीडि़ता ने मंगलवार को 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि युवती की शिकायत पर 21 नवंबर को गाडरवारा थाने में आरोपी मकसूद खान पिता शेख सुभान खान निवासी श्याम टाकीज के पास बिजासेन वार्ड गाडरवारा के खिलाफ 456, 354, 354 बी के तहत मामला दर्ज किया था।

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नरसिंहपुर. गाडरवारा की लव जिहाद पीडि़ता ने मंगलवार को 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि युवती की शिकायत पर 21 नवंबर को गाडरवारा थाने में आरोपी मकसूद खान पिता शेख सुभान खान निवासी श्याम टाकीज के पास बिजासेन वार्ड गाडरवारा के खिलाफ 456, 354, 354 बी के तहत मामला दर्ज किया था। जिसमें अनुसंधान के दौरान धारा 506 भाग 2 भादवि का इजाफा किया गया था। रिपोर्ट लिखाने के बाद युवती पर कुछ लोगों द्वारा आरोपी के पक्ष में दबाव बनाने और मामला वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया था जिससे सदमे के कारण युवती बीमार हो गई थी। मंगलवार को 24 दिन बाद उसने अपने बयान दर्ज कराए। इसके अलावा पीडि़ता के घर पर उसकी मां और उसके घर पर काम करने वाली एक महिला कर्मचारी और कपड़े धोने वाले कर्मचारी के भी बयान दर्ज किए गए। इनके अलावा पीडि़ता के धर्म भाई हुसैन पठान ने गाडरवारा थाने में अपने बयान दर्ज कराए। गौरतलब है कि हुसैन ने सच का सामना नामक एक वाट्सएप ग्रुप में पीडि़ता को जोड़ा था जिसका एडमिन आरोपी मकसूद खान था। जिसके बाद आरोपी ने युवती को पर्सनल मैसेज करना शुरू कर दिया था। धीरे धीरे उसने पीडि़ता से दोस्ती बढ़ाकर उसे विश्वास में लिया और उसे प्रेम जाल में फांस कर उसे लव जिहाद के रास्ते पर ले गया। आरोपी ने युवती से यह बात छिपाई कि वह शादीशुदा है और उसका करीब 17 साल का एक बेटा भी है। आरोपी के खिलाफ इससे पहले वर्ष 2012 में थाना गाडरवारा में अपराध क्रमांक 376/ 2012 धारा 294, 326, 34 भारतीय दंड विधान एवं 3(1-10)3 (2-5) एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था । जिसमेंं आरोपी को दोष सिद्ध किया जा चुका है और मामला हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है। कोर्ट में मकसूद को 22 नवंबर को प्रस्तुत किया गया था जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। २५ नवंबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गाडरवारा श्वेता श्रीवास्तव की कोर्ट में मकसूद खान की ओर से जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया था। २७ नवंबर को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश दीपक शर्मा की कोर्ट ने भी मकसूद का जमानत आवेदन निरस्त कर दिया था। तभी से वह जेल की रोटियां खा रहा है।
यह है अभियोजन
अभियोजन के मुताबिक नरसिंहपुर निवासी मुंह बोले भाई हुसैन पठान ने उसे सच का सामना नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा था। इसका एडमिन मकसूद खान था जिसने 29 मार्च को इसे ग्रुप में जोड़ा था। बाद में मकसूद ने इसे पर्सनल ग्रुप में भी सामान्य मैसेज करना शुरू कर दिया। 7 जुलाई की रात मकसूद ने युवती के व्हाट्सएप नंबर पर उसे आई लव यू लिखा । यह देख कर पीडि़ता को अच्छा नहीं लगा और उसने 8 जुलाई को मकसूद को समझाने के लिए घर बुलाया और उसे समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माना। 11 जुलाई की रात करीब 1 बजे मकसूद उसके घर आया और उससे प्रेम का इजहार करता रहा। शादीशुदा होने के बाद भी शादी के लिए दबाव बनाता रहा। 15 अगस्त की रात करीब 11 बजे वह उसके घर आया । कमरे का दरवाजा खुला था और उसकी मां दूसरे कमरे में थी। आरोपी मकसूद ने उससे छेड़छाड़ की तब युवती के चिल्लाने पर मकसूद खान ने धमकी दी और कहा कि उसे बाहर छोड़कर आए। धमकी के कारण उसे बाहर तक छोडऩे गई । आरोपी ने उसे धमकी दी कि उसे वह उसे देख लेगा।