26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगा मोबाइल नहीं दिलाया तो बेटे ने उठाया ये कदम, विलखती रह गई मां और परिजन

महंगा मोबाइल नहीं दिलाया तो बेटे ने उठाया ये कदम, विलखती रह गई मां और परिजन

less than 1 minute read
Google source verification
mahanga mobile nahi diya to bete ne kar lee aatmhatya

mahanga mobile nahi diya to bete ne kar lee aatmhatya

गोटेगांव। स्मार्ट फोन आज हर किसी की आवश्यकता बन गया है और बने भी क्यों न आखिर उसमें अधिकांश काम अंगुलियों के इसारे पर हो जाते हैं, लेकिन यह शौक और आवश्यकता माता पिता समेत बालिग बच्चों तक तो ठीक है, परन्तु जब स्मार्ट फोन रखने की जिद कोई नाबालिग करे तब समस्या पैदा हो जाती है, क्यों स्माट फोन जहां लोगों के काम आसान करता है वहीं इससे नाबालिग बच्चे मार्ग भी भटक सकते हैं और ऐसी स्थिति में माता-पिता सजग रहते हैं इसी के चलते वे अपने छोटे बच्चों को स्मार्ट फोन नहीं दिलाते क्योंकि उन्हें भय बना रहता है कि कहीं वे उसका दुरुपयोग कर समस्या न खड़ी कर दें। ऐसी ही मंशा से गोटेगांव थानांतर्गत नोनी गांव के कोटवार के 16 वीर्षीय लडक़े ने महंगा स्मार्ट फोन लेने की जिद पकड़ ली और जब पिता ने उसकी मांग पूरी करने से इंकार किया तो उसने मौत को गले लगा लिया।
जानकारी के अनुसार बेटे को महंगा मोबाइल न दिलाना एक पिता के लिए जीवन भर के दुख का कारण बन गया। बेटे ने गुस्से में आकर ट्रेन से कट कर अपनी जान दे दी। इस मामले की विवेचना कर रहे मीनेन्द्र पाण्डे ने बताया कि नौनी गांव के कोटवार महेश मेहरा के 16 वर्षीय पुत्र समीर मेहरा ने अपने पिता से दस हजार रुपए कीमत का मोबाइल खरीद कर देने की मांग की थी। पिता ने इतना मंहगा मोबाइल खरीद कर देने से इंकार करते हुए कहा था कि अभी उसके पास इतना रुपया नहीं है। पिता की बात सुनने के बाद समीर अपनी बाइक से गुस्से में गोटेगांव आ गया। मंगलवार रात श्रीधाम-करकबेल रेलवे लाईन पर सिंहवाहनी मढिय़ा के आगे उसने बाइक रेलवे ट्रैक किनारे खड़ी की और टे्रन से कटकर खुदकुशी कर ली। पीएम के बाद शव परिवारजनों को सौंप दिया गया।