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सालीचौका रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा

नहीं हुआ प्लेटफार्म का विस्तार, स्टेशन पर नहीं रहती पुलिस सुरक्षा

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गाडरवारा/सालीचौका। रेलवेे प्रशासन की अनदेखी के चलते सालीचौका रेलवेे स्टेशन में यात्री सुविधाओं तथा अनेक ट्रेनों का अभाव है। यहां दोनों ओर के प्लेटफार्म की लंबाई कम होने से बड़ी ट्रेनों की बोगिया प्लेटफार्म के बाहर लगती हैं। इस वजह से यात्रियो को टे्रनों में चढऩे उतरने में बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार यात्री ट्रेनो में चढऩे उतरते समय दुर्घटनाओं के शिकार भी हो चुके हैं। दोनों ओर प्लेटफार्मो की लंबाई कम होने से जनता एक्सप्रेस एवं नर्मदा एक्सप्रेस यहां तक कि पैसेंजर ट्रेनों की बोगियां भी नहीं बनतीं। यहां प्लेटफार्मो की लंबाई कम होने के साथ फर्श भी नही है। इससे यात्रियों को जमीन पर बैठने में भी परेशानी रहती है। स्टेशन पर न ही यात्रियो के लिए ठंडे पेय जल की व्यवस्था है। प्लेटफार्म पर लगे नल शोपीस साबित हो रहे हैं। स्टेशन परिसर में साफ सफाई का भी अभाव है। दोनो ओर के प्लेटफार्म पर फर्श नहीं है। पत्थर की चीपें डली हुई हैं। जिनसे ठोकर खाकर लोग घायल होते रहते हैं। रेलवेे प्रशासन इन अव्यवस्थाओं के सुधार के लिए ध्यान नहीं देता। दोनों प्लेटफार्म की बाउंड्री जगह-जगह से खुली होने के कारण मवेशी घुसकर प्लेटफार्मो पर विचरण करते रहते हैं।
एक्सप्रेस ट्रेनों का भी स्टापेज नहीं
स्थानीय रेलवेे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का भी स्टापेज नहीं है। अप एवं डाउन दिशा में जाने के लिए पैसेंजर ट्रेनों के अतिरिक्त मात्र दो एक्सप्रेस ट्रेनों का ही स्टापेज है। दिन में दोनों दिशाओं के लिए राजेन्द्र नगर जनता एक्सप्रेस और रात्रि में नर्मदा एक्सप्रेस ही मात्र दो एक्सप्रेस ट्रेनें है। जबकि क्षेत्र के 40 से 50 ग्रामों के सैकड़ों लोग यहां से यात्रा करते हंै। रेलवेे प्रशासन ने रेलवेे स्टेशन पर दूरगामी ट्रेनों का स्टापेज नहीं दिया। हाल ही में शटल एक्सप्रेस के स्टापेज न होने को लेकर लोगों ने ज्ञापन सौंपा है। वहीं ट्रेनों के स्टापेज में सालीचौका की लगातार उपेक्षा किए जाने से क्षेत्र की जनता में काफी निराशा है। हालांकि स्थानीय स्टेशन से रेलवेे प्रशासन को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बाबजूद भी यात्री सुविधाएं नगण्य हैं।
प्रसाधन गृह की कमी
स्टेशन पर यात्रियों के लिए मूलभूत माकूल सुविधाए भी उपलब्ध नही हैं। खासकर प्रसाधनों की कमी है यात्रियो के लिए स्टेशन परिसर मेें प्रसाधन की व्यवस्था नहीं है। इससे विशेष रूप से महिलाओं को काफी परेशानी होती है। स्टेशन का शौचालय भी बंद पड़ा रहता है, जिसकी साफ-सफाई भी नहीं होती है।
नहीं है पुलिस सहायता केन्द्र
स्टेशन पर जीआरपी पुलिस सहायता केन्द्र भी नहीं है। इससे ट्रेनों के अवागमन के समय असामाजिक तत्वों की चहलकदमी बनी रहती है। यहां चोरी चकारी से लेकर कई अपराधिक वारदातें घटित हो चुकी हंै। पुलिस सहायता केंद्र नहीं होने से यात्रियों को शिकायत दर्ज कराने में दिक्कत होती है। रात्रि समय दोनों प्लेटफार्मो पर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो कि देर रात तक जाम छलकाते रहते हैं।