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त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी की रथयात्रा शुरू

परमहंसी गंगा आश्रम से भव्य शुभारंभ, ग्रामीणों ने सजाए स्वागत द्वार, उतारी आरती

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Ajay Khare

Dec 23, 2015


गोटेगांव।परमहंसी गंगा आश्रम में विराजित त्रिपुर सुंदरी राजराजेश्वरी देवी की चलित प्रतिमा की रथयात्रा का मंगलवार को परमहंसी गंगा आश्रम से भव्य शुभारंभ किया गया। इस मौके पर दण्डी स्वामी सदानंद सरस्वती ने भगवती एवं उनकी पुत्री बाला भवानी की प्रतिमाओं की पूजा अर्चना की।

इन गांवों में पहुंची शोभायात्रा
भगवती की शोभायात्रा श्रीनगर, तरवारा, नगवारा गांव होकर बरहटा गांव पहुंची। इन स्थानों पर गांव के लोगों ने जयकारों के साथ रथयात्रा की अगवानी कर पूजा-अर्चना की। बरहटा गांव में गाजे-बाजे के साथ रथयात्रा का स्वागत भक्तों द्वारा किया गया। ग्रामीणों ने रथयात्रा के स्वागत में वंदन द्वार बनाए तथा आरती उतारी। श्रीनगर में शंकराचार्य विद्यालय में भी भगवती की रथयात्रा की आगवानी की गई।

मंदिर प्रांगण में हुए प्रवचन
सोमवार की रात राजराजेश्वरी देवी के मंदिर प्रांगण में ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भगवती की पूजा अर्चना की। इसके बाद उनके प्रवचन भी हुए। इस दौरान भक्तों ने भजन की प्रस्तुति दी।

नशा से रहें दूर
शंकराचार्य ने बरहटा गांव में धर्मसभा में भगवती राजराजेश्वरी की महिमा का वर्णन करते हुए गांव के लोगों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि जिले के लिंगा गांव में नशे के कारण 70 महिलाएं विधवा हो चुकी हैं। उन्होंने भक्तों से कहा कि वह अपने इष्टों को छोड़ कर किसी अन्य की पूजा-अर्चना नहीं करें। जो अपने इष्ट भगवान को विस्मृत कर जाते हैं, उनके जीवन का कल्याण नहीं होता है। शंकराचार्य रात्रि विश्राम बरहटा स्थित बाललीला धाम में करने के बाद बुधवार को मुंगवानी होते हुए आदेगांव के लिए रवाना हो जाएंगे।